
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के लिए रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। इस योजना के माध्यम से न केवल विद्युतीय अधोसंरचना (Infrastructure) को मजबूती दी जा रही है, बल्कि उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए तकनीकी बदलाव भी किए जा रहे हैं।
कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, आरडीएसएस योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में 228 नए 33/11 केवी उपकेंद्रों की स्थापना की गई है। इसके साथ ही, बिजली के ट्रांसमिशन को बेहतर करने के लिए 15,336 किलोमीटर लंबी 33 केवी लाइनें और 20,019 किलोमीटर लंबी नई 11 केवी लाइनें बिछाई गई हैं। कृषि क्षेत्र को निर्बाध बिजली देने के उद्देश्य से 358 नए कृषि फीडरों का विभक्तिकरण किया गया है। साथ ही, वोल्टेज और पावर फैक्टर सुधार के लिए 1848 केपेसिटर बैंक और 19,365 नए वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं।
योजना के तहत प्रदेश में कुल 55 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए कार्यादेश जारी हो चुके हैं। इनमें से अब तक 29 लाख स्मार्ट मीटरों की स्थापना सफलतापूर्वक की जा चुकी है। जनसंपर्क अधिकारी मनोज द्विवेदी ने बताया कि आरडीएसएस भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जो डिस्कॉम्स (बिजली वितरण कंपनियों) की परिचालन क्षमता और वित्तीय स्थिरता में सुधार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
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सरकार और बिजली कंपनी स्मार्ट मीटरिंग को बढ़ावा देने के लिए उपभोक्ताओं को विशेष प्रोत्साहन भी दे रही है। निम्नदाब (Low Tension) उपभोक्ताओं के लिए एक खास योजना शुरू की गई है, जिसके तहत यदि उनके घर या संस्थान में स्मार्ट मीटर लगा है, तो दिन के समय (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) ऊर्जा प्रभार (Energy Charges) में 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। इस कदम से उपभोक्ताओं के बिजली बिल में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।