इंदौर में दूषित पानी से गई एक और जान... मौत का आंकड़ा 21 पहुंचा, 11 मरीज अभी भी ICU में, 4 वेंटिलेटर पर
Indore Bhagirathpura Water Crisis: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के सेवन से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। श ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 10 Jan 2026 08:25:16 PM (IST)Updated Date: Sat, 10 Jan 2026 08:25:16 PM (IST)
इंदौर में दूषित पानी से गई एक और जान।HighLights
- भागीरथपुरा में थम नहीं रहा मौतों का सिलसिला
- दूषित पानी से एक और महिला की हुई मौत
- अब तक 21 ने गंवाई जान, 4 वेंटिलेटर पर
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के सेवन से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को एमवाय अस्पताल में भर्ती एक और महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान सुनीता वर्मा (50) निवासी फर्सी वाली गली, भागीरथपुरा के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार, सुनीता को छह जनवरी को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। पहले उन्हें भागीरथपुरा स्थित स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया था। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।
मरने वालों का आंकड़ा 21
बता दें कि भागीरथपुरा में सप्लाई किए गए पेयजल में मल मूल मिले होने की जांच में पुष्टि हो चुकी है। पानी में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं। यहां दूषित पानी के सेवन से मरने वालों का आंकड़ा 21 हो गया है। भागीरथपुरा क्षेत्र के 11 मरीज अभी भी आइसीयू में भर्ती हैं। इनमें से चार मरीज वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। क्षेत्र से लगातार नए मरीज सामने आ रहे हैं। उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर लोग अब भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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भागीरथपुरा में बोरिंग का पानी पीने पर रहेगा प्रतिबंध
इस बीच, प्रशासन ने भागीरथपुरा क्षेत्र में बोरिंग का पानी पीने पर रोक लगा दी है। अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई एवं अनुपम राजन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्र में किसी भी बोरिंग का पानी पेयजल के रूप में इस्तेमाल न किया जाए। केवल शुद्ध व परीक्षण युक्त जल की ही आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।