
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: एमपीनगर में मैदा मिल स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के जोनल ऑफिस में कार्यरत एक असिस्टेंट मैनेजर ने ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी। मैनेजर की पत्नी भी इसी ऑफिस में कार्यरत है, दोनों के बीच मंगलवार सुबह किसी बात पर झगड़ा हुआ था। इससे आहत अविनाश पैदल ही अपने ऑफिस से निकला और शाम को उसका शव चेतक ब्रिज के नीचे रेलवे लाइन पर कटा हुआ मिला।
मौत से पहले अविनाश ने एक पन्ने पर सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें उसने इस कदम के लिए स्वजनों से माफी मांगी है। साथ ही अपनी संपत्ति और मौत से मिलने वाली इंश्योरेंस राशि के बंटवारे की बात तक लिखी है। एमपीनगर पुलिस ने शव बरामद कर पीएम के लिए भिजवाया है। पुलिस सुसाइड नोट की जांच भी करवा रही है।
एएसआई अनूप यादव ने बताया कि 35 वर्षीय अविनाष जैन पुत्र विमल कुमार, लाला लाजपत राय पंजाबी बाग क्षेत्र में रहते थे। वह एसबीआई के जोनल ऑफिस में बतौर असिस्टेंट मैनेजर पदस्थ थे। उनकी पत्नी रोली जैन भी इसी कार्यालय में असिस्टेंट मैनेजर हैं। मंगलवार सुबह दोनों रोजाना की तरह घर से ऑफिस पहुंचे थे। सुबह करीब 11 बजे कार्यालय में किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद करीब 11:30 बजे अविनाश आफिस से बाहर निकल गए।
उनके फोन से करीब 12 बजे स्वजनों और रिश्तेदारों के फोन पर सुसाइड नोट पहुंचा। इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। स्वजनों ने तुरंत एमपी नगर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की। शाम करीब चार बजे तक स्वजन भी शहर में उनकी खोजबीन करते रहे।
कुछ समय बाद चेतक ब्रिज के पास रेलवे लाइन के समीप भीड़ जमा होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे स्वजनों ने अविनाश की पहचान की। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभिनाष द्वारा भेजे गए संदेशों की भी जांच की जा रही है।
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सुसाइड नोट में लिखा ''मैंने बहुत गलतियां की हैं, माफ करना... अविनाश ने एक पन्ने के नोट में लिखा है कि मम्मी-पापा, रोली , दीदी और भैया, सभी से माफी मांगता हूं। अपनी मौत का जिम्मेदार सिर्फ मैं हूं। मैंने बहुत गलतियां की हैं, जब तक जियूंगा आप लोगों को परेशान करता रहूंगा। मेरी मौत के बाद इंश्योरेंस के 75 लाख रुपये दोनों बच्चियों और पत्नी को दे देना। पीएफ के 5 लाख रुपये रुबी और दस लाख भाई अभिषेक को दे देना।''