आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा... शनिवार दोपहर एक सीध में होंगे गुरु, पृथ्वी और सूर्य, खगोल प्रेमियों के लिए सुनहरा मौका
Jupiter Opposite Earth 2026: वर्ष की शुरुआत के दूसरे शनिवार को महत्वपूर्ण खगोलीय घटना होने जा रही है, जिसमें परिक्रमा करते हुए सौरमंडल का सबसे बड़ा ग् ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 09 Jan 2026 09:48:53 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Jan 2026 09:48:53 PM (IST)
आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा।HighLights
- बास्केटबॉल जैसा बड़ा और अंगूर जैसी पृथ्वी
- साल 2026 की पहली बड़ी खगोलीय घटना
- मिथुन तारामंडल में दिखेगा विशालकाय बृहस्पति
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। वर्ष की शुरुआत के दूसरे शनिवार को महत्वपूर्ण खगोलीय घटना होने जा रही है, जिसमें परिक्रमा करते हुए सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह जुपिटर या बृहस्पति, हमारा ग्रह पृथ्वी और सूर्य तीनों एक सरल रेखा में आ रहे हैं, जिससे जुपिटर हमसे नजदीक होने के कारण सबसे तेज चमक के साथ अपेक्षाकृत बड़ा दिखने जा रहा है।
विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि शनिवार को दोपहर दो बजकर चार मिनिट पर जुपिटर ,पृथ्वी और सूर्य एक सीध में होंगे। इस समय जुपिटर की पृथ्वी से दूरी लगभग 63 करोड़ 30 लाख 76 हजार किमी होगी। दूरी कम होने के कारण गुरु दर्शन का यह सबसे अच्छा अवसर होगा। इस कारण सबसे अधिक चमकीला और अपेक्षाकृत बड़ा देख पाएंगे।
खगोल प्रेमियों के लिए सुनहरा मौका
सारिका ने बताया कि आप बिना किसी टेलिस्कोप के जुपिटर को शाम को चमकते हुए पूर्व दिशा में देख सकते हैं ,लेकिन अगर आप टेलिस्कोप से देखेंगे तो इसकी डिस्क की पट्टिकाओं को तथा इसके चार गैलिलियन मून को भी देख पाएंगे। इस घटना के समय जुपिटर माइनस 2.68 के मैग्नीटयूड से चमक रहा होगा। जुपिटर जिसे गुरु भी कहते हैं, इस समय आकाश में मिथुन तारामंडल में है। यह शाम उदित होने के बाद रात भर आकाश में रहकर मध्यरात्रि में सिर के ठीक ऊपर होगा तथा सुबह पश्चिम में अस्त हो जाएगा। खगोल प्रेमियों के लिए सुनहरा मौका है जब पृथ्वी और बृहस्पति एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे। तो शनिवार शाम को कीजिये गुरु दर्शन।
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जुपिटर के बारे में खास
- जुपिटर हमारे ग्रह पृथ्वी से लगभग 11 गुना चौड़ा है । अगर हमारी पृथ्वी को हम अंगूर के आकार की मानें तो जुपिटर का आकार बास्केट बाल के आकार का होगा।
- जुपिटर की सूर्य से इतनी ज्यादा दूरी है कि सूर्यप्रकाश इस तक पहुंचने में लगभग 43 मिनिट लगते हैं।
- जुपिटर के अब तक 95 चंद्रमा खोजे जा चुके हैं।