
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना (MP Ayushman Scheme Fraud) के कार्यान्वयन में सामने आई अनियमितताओं को लेकर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया है। अस्पतालों की कार्यप्रणाली और क्लेम भुगतानों की विस्तृत समीक्षा के दौरान गंभीर कमियां पाए जाने के बाद प्रशासन ने प्रदेश के 11 अस्पतालों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही इन अस्पतालों के क्लेम भुगतान और एम्पैनलमेंट प्रक्रिया पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा की गई इस कार्रवाई का असर राज्य के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिला है। निलंबित किए गए अस्पतालों में भोपाल, इंदौर, डिंडोरी, उमरिया और नर्मदापुरम सहित कई अन्य जिलों के चिकित्सा संस्थान शामिल हैं। समीक्षा जांच में पाया गया कि ये अस्पताल निर्धारित मानकों और योजना के नियमों का ठीक से पालन नहीं कर रहे थे।
प्रशासनिक निलंबन के अलावा, नियमों के उल्लंघन पर तीन विशिष्ट अस्पतालों पर भारी वित्तीय जुर्माना भी लगाया गया है।
इन तीनों अस्पतालों पर कुल मिलाकर 15 लाख 88 हजार 245 रुपये की वित्तीय पेनल्टी ठोकी गई है।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार, आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को मिलने वाले लाभ में पारदर्शता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आगे भी निरंतर समीक्षा और सख्त निगरानी जारी रहेगी।
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