
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: हुजूर तहसील के नयापुरा क्षेत्र में स्थित 16.62 एकड़ भूमि को लेकर पिछले 25 वर्षों से चला आ रहा कानूनी विवाद अब समाप्त हो गया है। चौदहवें अपर सत्र न्यायाधीश संजय अग्रवाल की अदालत ने इस मामले में फिल्म अभिनेता सैफ अली खान, शर्मीला टैगोर, शबा अली और सोहा अली खान समेत नवाब पटौदी के सभी कानूनी उत्तराधिकारियों के पक्ष में फैसला सुनाया है। न्यायालय ने याचिका को निरस्त कर दिया।
नवाब पटौदी एवं उनके वारिसों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता सैयद फैज़ान हुसैन ने अदालत को बताया कि उनके पिता स्वर्गीय वकील अहमद भोपाल के प्रतिष्ठित शायर थे। उनके पूर्वज नवाबी शासनकाल में किलेदार के पद पर कार्यरत रहे थे। इन्हीं सेवाओं से प्रसन्न होकर वर्ष 1936 में तत्कालीन नवाब हाजी मोहम्मद हमीदुल्लाह खान ने खसरा नंबर 114 की यह 16.62 एकड़ भूमि दान में दी थी।
अधिवक्ता के अनुसार, वकील अहमद एवं उनके बाद उनके वारिस लंबे समय से उक्त भूमि पर काबिज रहे और उससे लाभ लेते रहे। दान से संबंधित प्रविष्टि राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। वर्ष 1955 में भूमि का नामांतरण वकील अहमद के नाम हुआ था। 16 अगस्त 1994 को उनके निधन के बाद वादी पक्ष ने स्वयं को वैध उत्तराधिकारी बताते हुए दावा किया।
यह वाद अकील अहमद, परवेज अहमद और शकील अहमद द्वारा प्रस्तुत किया गया था, लेकिन न्यायालय में वे अपने दावे के समर्थन में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। अदालत ने तीन आधारों पर याचिका खारिज की। पहला, दान से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। दूसरा, याचिका निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के लगभग 19 महीने बाद दाखिल की गई। तीसरा, उपलब्ध राजस्व अभिलेखों और दस्तावेजों के अनुसार भूमि सैफ अली खान एवं अन्य वारिसों की वैध संपत्ति पाई गई।
गौरतलब है कि वर्ष 1998 में नवाब मंसूर अली खान पटौदी और उनके परिवार ने इस भूमि के एक हिस्से को बिल्डर को विक्रय किया था। इससे पहले पारिवारिक बंटवारा भी हो चुका था, जिसके बाद यह विवाद न्यायालय तक पहुंचा।
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