• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

KBC-15 में भोपाल की हर्षा वर्मा की चमकी किस्मत, आदर्श वाक्य सुन अमिताभ बच्चन भी हुए गदगद

भोपाल की हर्षा ने केबीसी 15 में 12.50 लाख रुपये जीते हैं। हर्षा पेशे से शिक्षिका हैं। हर्षा का कहना है जिंदगी तो जिंदा दिल का काम है, मुर्दा दिल कहां ...और पढ़ें

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Tue, 29 Aug 2023 07:28:04 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Aug 2023 08:59:05 PM (IST)
KBC-15 में भोपाल की हर्षा वर्मा की चमकी किस्मत, आदर्श वाक्य सुन अमिताभ बच्चन भी हुए गदगद
केबीसी में भोपाल की हर्षा वर्मा ने जीती इनामी राशि।

HighLights

  1. भोपाल की हर्षा ने केबीसी में जीती इनामी राशि
  2. केबीसी 15 में हर्षा ने जीते 12.5 लाख रुपए
  3. अपने बच्चों को पास रखने में पैसों का उपयोग करेंगी

भोपाल। शहर की रहने वाली हर्षा वर्मा ने कौन बनेगा करोड़पति-सीजन 15 में 12.50 लाख रुपये जीते हैं। उन्होंने महानायक अमिताभ बच्चन को प्रभावित किया। हर्षा एक शिक्षिक हैं। जिंदगी को लेकर उनका एक आशावादी और अनोखा नजरिया है। हर्षा के आदर्श वाक्य "जिंदगी तो जिंदा दिल का काम है, मुर्दा दिल कहां जीते हैं।" हर्षा के इस वाक्य ने होस्ट अमिताभ बच्चन को गहराई से प्रभावित किया। जब उन्होंने अपने संघर्षों, मां-बाप होने की चुनौतियों और अपने बच्चों से दूर रहने की कठिनाइयों को साझा किया तो उनकी लगन निखरकर सामने आई।

आर्थिक समस्याओं के चलते रिस्तेदारों के पास हैं बच्चे

हर्षा ने 25 लाख रुपए का सवाल जीतने का प्रयास किया लेकिन फिर भी 12.50 लाख रुपए की भारी पुरस्कार राशि जीती। हर्षा का मकसद अपने बच्चों को घर वापस लाना है, क्योंकि अपनी आर्थिक मुश्किलों के कारण उनके बच्चे उनके पास नहीं रह पा रहे हैं। वे वर्तमान में अपने रिश्तेदारों के साथ रह रहे हैं। हर्षा के मजबूत पारिवारिक रिश्ते और उसके रिश्तेदारों के समर्थन और आशीर्वाद ने उन्हें अपनी सीमाओं से पार जाने के लिए प्रेरित किया।


जिंदगी की गलतियों को स्वीकारा

हाटसीट पर रहने और केबीसी का हिस्सा बनने के अपने अनुभव को दर्शाते हुए हर्षा वर्मा ने बताया कि बच्चन साहब ने मेरे साथ एक परिवार के सदस्य की तरह व्यवहार किया है। मैंने अपनी जिंदगी में जो भी गलतियां की हैं उसे स्वीकार करने पर अमिताभ बच्चन ने मुझे धन्यवाद भी दिया। मुझे यह अद्भुत अवसर प्रदान करने के लिए मैं वाकई उनकी आभारी हूं।