नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। पुराने शहर के सबसे व्यवस्त मार्गों में से एक बैरसिया पर करोंद चौराहा से सिंधी कालोनी तक मेट्रो की आरेंज लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। मेट्रो का काम करने के लिए कंपनी ने सड़क के बीचों-बीच बेरिकेड्स लगाए हैं, जिनकी वजह से सड़कों की चौड़ाई मुश्किल से 10 फिट की रह गई है। वहीं पसरा अतिक्रमण लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। इस वजह से हर दिन इस मार्ग पर घंटों तक लंबा जाम लग रहा है तो वहीं वर्षा के दौरान कीचड़, गड्ढे, जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसके बाद भी मेट्रो प्रबंधन, नगर निगम, पुलिस, प्रशासन व्यवस्थाएं नहीं बना पा रहा है।
बैरसिया रोड पर मेट्रो की आरेंज रेल लाइन के पिलर खड़े किए जा रहे हैं। जिसके लिए यहां पर बेरिकेड्स लगाकर गड्ढों की खोदाई करने के साथ ही पिलर तक खड़े करने का काम चल रहा है। इस काम के शुरू होते ही कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने नगर निगम, प्रशासन, पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि सड़कों की चौड़ाई यदि कम हो गई है तो अतिरिक्त पट्टी बनाई जाए। सड़क किनारे व फुटपाथ पर पसरे ठेले, दुकानों के अवैध अतिक्रमण को प्रमुखता से हटाया जाए। जिससे वाहनों को आवागमन में समस्या न हो और जाम की स्थिति निर्मित न हो।
कलेक्टर के निर्देश पर भी जिम्मेदार अधिकारी कोई व्यवस्था नहीं बना पाए हैं। नतीजतन इस मार्ग से हर दिन गुजरने वाले एक लाख से अधिक वाहन चालकों को जाम की समस्या से रूबरू होना पड़ रहा है। सड़क खोदाई कर मरम्मत तक नहीं की मेट्रो रेल लाइन के कार्य के दौरान करोंद से लेकर सिंधी कालोनी तक सड़क की खोदाई की गई थी लेकिन इसकी दोबारा से मरम्मत नहीं की गई है। वर्षा के दौरान उखड़ी सड़क पर जलभराव की स्थिति बनती है, गड्ढों से वाहनों को गुजरने में समय लगता है।ऐसे में यह लापरवाही भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती है।
बीच रास्ते में खड़े रहते हैं ई रिक्शा करोंद चौराहा, डीआइजी बंगला, काजी कैंप और सिंधी कालोनी क्षेत्र में मुख्य सड़क पर जगह कम बची है। इसके बाद भी यहां पर ई रिक्शा, ऑटो और आपे चालक अपना कब्जा जमाए रहते हैं। करोंद चौराहा के चारों तरफ इनका अतिक्रमण है, जिससे दो व चार पहिया वाहनों को निकलने के लिए जगह ही नहीं बचती है। फुटपाथ पर दुकान व ठेले वालों का कब्जा सड़क पर जाम की स्थिति निर्मित न हो इसके लिए अतिरिक्त पट्टी बनाई जानी थी लेकिन कुछ ही जगह बनाई गई थी। यह भी सफल नहीं हुई, क्योंकि करोंद चौराहा से लेकर सिंधी कालोनी तक फुटपाथ पर अवैध दुकानदारों व ठेले वालों ने अपना कब्जा जमा रखा है।
इन पर पुलिस, प्रशासन, नगर निगम अमले द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। सामांनतर रोड भी खस्ता हाल बैरसिया रोड पर यदि जाम लगता है तो लोग छोला फ्लाईओवर समानांतर रोड से होकर आवागमन कर सकते हैं लेकिन यह भी खस्ता हाल हो गई है। वर्षा में सड़क उखड़ चुकी है तो वहीं दुकानदारों, ठेले वालों ने अतिक्रमण कर रखा है। करोंद मंडी मार्ग होने से इस पर भी जाम लग जाता है।
लांबाखेड़ा रहवासी विवेक गौर कहा कहना है कि करोंद चौराहा तक दो पहिया वाहन लेकर जाने से पहले भी सोचना पड़ता है। हालात यह हैं कि इतना लंबा जाम लग जाता है कि जेल रोड तक पहुंचने में ही आधे से एक घंटे तक लग जाते हैं। वहीं करोंद में एडवोकेट कृष्णा शर्मा ने कहा कि मेट्रो का कार्य तेजी से किया जा रहा है लेकिन जिम्मेदार लोगों ने न तो सड़कें चौड़ी की और न ही इन पर पसरा अतिक्रमण हटाया है। यही कारण है कि आमजन हर दिन परेशान हो रहे हैं।
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इसके अलावा करोंद के एक कारोबारी धीरज लोधी ने कहा कि निशातपुरा रेलवे ओवर ब्रिज से लेकर डीआइजी बंगला तक न तो सड़क चौड़ी की और न ही अतिक्रमण हटाया है।इस वजह से महज 500 मीटर से एक किलोमीटर की दूरी तय करने में आधे से एक घंटे का समय लग जाता है।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि करोंद चौराह से लेकर सिंधी कालोनी तक मेट्रो रेल लाइन का काम चल रहा है। जिसके चलते नगर निगम, प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए थे। जल्द ही दोबारा से अतिक्रमण हटाने, सड़कों का चौड़ीकरण व मरम्मत करवाने के कार्य करवाए जाएंगे।