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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bhopal News: एक दर्जन गांवों को जाने वाली 22 बसें बंद, आज से मंडीदीप मार्ग की 40 बसें भी होंगी प्रभावित

बस आपरेटर सिटी परमिट पर ही करना चाहते हैं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालन। आरटीओ ने नियम नहीं होने का दिया तर्क।

By Ravindra SoniEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Wed, 27 Sep 2023 08:07:21 AM (IST)Updated Date: Wed, 27 Sep 2023 08:07:21 AM (IST)
Bhopal News: एक दर्जन गांवों को जाने वाली 22 बसें बंद, आज से मंडीदीप मार्ग की 40 बसें भी होंगी प्रभावित

HighLights

  1. मुख्यमंत्री की घोषणा पर आरटीओ का ब्रेक।
  2. ग्रामीण क्षेत्रों में जाना बंद करेंगी 146 बसें।
  3. आरटीओ गांवों तक जाने वाली बसों से सिटी परमिट की बजाय स्टेट कैरेज का टैक्स वसूलने की तैयारी में।

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी से लगे ग्रामीण क्षेत्रों के रहवासियों को भोपाल आने और जाने के लिए नगरीय बसों का संचालन शहर की सीमा से 25 किलोमीटर दूर तक करने की घोषणा की थी। जिसके बाद इन बसों के रूट को ग्रामीण क्षेत्रों तक बढ़ाया गया था। लेकिन अब आरटीओ द्वारा टैक्स में छूट नहीं मिलने से बीसीएलएल के आपरेटर ग्रामीण क्षेत्र में परिवहन बंद कर रहे हैं।

मंगलवार को रातीबड़ जाने वाली 22 बसें नीलबड़ से ही वापस आ गई, जबकि आज से मंडीदीप जाने वाली 40 बसों में प्रभावित हो सकती है। क्योंकि इनका परमिट खत्म हो चुका। अब आरटीओ इनसे सिटी परमिट की बजाय स्टेट कैरेज का टैक्स वसूलने जा रहा है। ऐसे में आपरेटरों ने ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाली 146 बसों का दायरा घटाने का फैसला किया है।


अधिक टैक्स से बचना चाहते हैं बस आपरेटर

बता दें कि अब तक बस आपरेटर सिटी परमिट लेकर ही ग्रामीण क्षेत्रों में बसों का संचालन कर रहे थे। अब वो ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवा के लिए स्टेट कैरेज का टैक्स नहीं देना चाहते हैं। इसमें आपरेटरों का तर्क है, आरटीओ द्वारा टैक्स में छूट नहीं मिलने से बसों का संचालन मंहगा होगा। क्योंकि इन बसों का किराया भी निजी बसों से कम है। वहीं इस मामले में आरटीओ के अधिकारियों का कहना है कि भले ही ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन से आम जनता को फायदा मिल रहा है। लेकिन नियमानुसार सिटी बसों को ग्रामीण क्षेत्रों में संचालन पर स्टेट कैरेज का टैक्स तो देना होगा। इसमें छूट देने का प्रविधान उनके पास नहीं है।

शहर से बाहर परिवहन सेवा पर 20 गुना तक अधिक टैक्स

बीसीएलएल से संबद्ध बस आपरेटरों का कहना है कि अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में भी नगर बस की सेवा संचालित हो रही थी। इसके लिए हमें तीन माह में एक बार परमिट लेना पड़ता था। वहीं प्रति सीट के हिसाब से तीन माह के लिए 90 रुपये आरटीओ टैक्स चुकाना होता था। लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन पर हमें 200 रुपये प्रति माह और प्रति सीट टैक्स चुकाना होगा। जिससे हमें ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन मंहगा पड़ेगा।

इन मार्गों में प्रभावित होंगी बसें

मार्ग क्रमांक - मार्ग का नाम - प्रभावित मार्ग - बसों की संख्या

टीआर -4 - चिरायु अस्पताल से सिमराई मंडीदीप - समरधा से सिमराई मंडीदीप - 20

402 - अयाेध्या नगर से कजलीखेड़ा - बैरागढ़ चीचली से कजलीखेड़ा - 10

413 - कोकता ट्रांसपोर्ट नगर से रातीबड़ - नीलबड़ से रातीबड़ - 18

403 - कजलीखेड़ा से सूखीसेवनिया - भानपुर से सूखी सेवनिया और बैरागढ़ चीचली से कजलीखेड़ा - 04

204 - भौंरी से मंडीदीप - समरधा से एचइजी मंडीदीप - 16

116 - भोजपुर से पुतलीघर - 11 मील से भोजपुर - 14

टीआर-4बी - गांधी नगर से वर्धमान मंडीदीप - समरधा से वर्धमान मंडीदीप - 26

304 - बिलकिसगंज से नादरा बस स्टैंड - रातीबड़ से बिलकिसगंज - 12

एसआर-4 - करोंद चौराहा से कजलीखेड़ा - बैरागढ़ चीचली से कजलीखेड़ा - 26

इनका कहना

मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि शहर की सीमा से 25 किलोमीटर दूर तक वाले ग्रामीण क्षेत्रों में नगरीय निकाय की बसों का संचालन किया जाएगा। लेकिन टैक्स में छूट नहीं मिलने से हमें ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवा बंद करनी पड़ रही है।

- अतुल जैन, मालिक मां एसोसिएट

हम 90 बसों का संचालन कर रहे हैं, लेकिन आरटीओ से छूट नहीं मिलने पर संचालन मंहगा हो जाएगा। वैसे भी हम निजी आपरेटरों से कम किराया वसूल रहे हैं। ऐसे में हम 40 बसों का दायरा शहरी क्षेत्रों तक सीमित करेंगे।

- प्रिंस जोसेफ, अपरेशन हेड श्री दुर्गम्मा ट्रेवल्स

आरटीओ द्वारा वर्तमान में बीसीएलएल की बसों को नगर बस सेवा का परमिट जारी किया जाता है। लेकिन अब शहर से बाहर बस का संचालन करने पर आरटीओ द्वारा स्टेट कैरियर का टैक्स मांगा जा रहा है। ऐसे में आपरेटर केवल सिटी परमिट लेने को तैयार है, उनका मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों से उतना राजस्व प्राप्त नहीं होता, जितना कि टैक्स वूसला जा रहा है।

- संजय सोनी, पीआरओ, बीसीएलएल

मप्र मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 में स्पष्ट निर्देश हैं कि नगर में बस परिवहन की सेवा के लिए 90 रुपये प्रति सीट तीन माह के लिए टैक्स देना है। यदि ग्रामीण क्षेत्रों में भी सेवा का विस्तार किया जाता है, तो टैक्स ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग से चुकाना होगा। इसको लेकर परिवहन और नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों के बीच बैठक भी हाे चुकी है।

- अरविंद सक्सेना, उप परिवहन आयुक्त