
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। चूनाभट्टी स्थित पारिका सोसायटी के ''भूमि होमस्टे'' में सात जनवरी को छत से धक्का देकर प्रेमिका की हत्या करने वाले आरोपित प्रेमी तरुण कपिल को पुलिस ने विशाखापट्टनम से गिरफ्तार कर लिया है। वह भोपाल से लखनऊ, फिर कानपुर और दिल्ली गया था। दो दिन पहले ही वहां से विशाखापट्टनम पहुंचकर छुपा था। इस दौरान वह अपने रिश्ते के भाई से लगातार संपर्क में रहा। उसका भाई वकील है और उसे पुलिस से बचने का रास्ता बताता रहा। आरोपित का मोबाइल बंद होने के बावजूद पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के माध्यम से उस तक पहुंची और गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपित ने हत्या के कारणों को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है।
उसका कहना है कि प्रेमिका ने उसे धोखा दिया था। वे पांच साल से प्रेम-संबंध में थे और वह दूसरे युवक से बात करती और मिलती थी। इसी के संबंध में बातचीत करने उसने युवती को होम स्टे में बुलाया था। वहीं जब आरोपित को प्रेमिका के फोन में दूसरे युवक के साथ उसकी प्राइवेट फोटो मिलीं तो उसने युवती से मारपीट की और फिर छत से धक्का देकर उसे मौत के घाट उतार दिया। मामले की जांच कर रहे चूनाभट्टी थाने के एसआइ विनोद पंथी ने बताया कि 22 वर्षीय प्रिया मेहरा शाहपुरा क्षेत्र के ईश्वर नगर में रहती थी। पूर्व में उसी कालोनी में रहने वाले तरुण कपिल से उसकी दोस्ती हुई थी। दोनों के बीच लंबे समय से संबंध बताए जा रहे हैं।
आरोपित तरुण ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से प्रिया ने उससे बात करना कम कर दिया था। साथ ही कई बार उसका फोन भी व्यस्त रहता था। इसी शंका में उसने एक सप्ताह पहले से उसकी रेकी शुरू कर दी थी। वह कॉलेज आने-जाने पर उसका पीछा करता था। इसी दौरान उसने किसी अन्य युवक से उसे कई बार मिलते देखा। इसे लेकर बातचीत करने छह जनवरी को उसने प्रिया को फोन किया था और सात तारीख को भूमि होमस्टे, जहां वह केयरटेकर के रूप में काम करता था, वहां मिलने बुलाया। आरोपित का दावा है कि प्रिया घर से निकलने के बाद उस दिन भी पहले दूसरे युवक से मिली और फिर भूमि होमस्टे पहुंची। यहां दोनों के बीच दूसरी मंजिल में कमरे के भीतर प्रिया के नए दोस्त को लेकर जमकर बहस हुई।
जब तरुण ने उसका मोबाइल चेक किया तो उसके फोन में प्रिया और उसके दोस्त के कई फोटो मिले। इसे लेकर आरोपित तरुण ने प्रिया से काफी देर तक मारपीट की। कुछ देर बाद वह बिल्डिंग में नीचे गया और जब वापस आया तो प्रिया कमरे में मौजूद नहीं मिली। उसने देखा तो वह छत पर बाउंड्री के पास खड़ी थी। तभी वह दबे पांव उसके पीछे गया और फिर धक्का देकर गिरा दिया। युवती लहूलुहान हालत में जमीन पर गिरी तो वह अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने जैसे ही प्रिया को मृत घोषित किया तो वह भाग निकला।
आरोपित सीधे ऑटो से रेलवे स्टेशन पहुंचा और सामने दिख रही ट्रेन में बैठकर लखनऊ उतरा। वहां से दूसरी ट्रेन में कानपुर गया, लेकिन वहां भी एक रात बिताने के बाद दिल्ली भाग निकला। वहां भी सिर्फ एक दिन ही रुका और विशाखापट्टनम चला गया। इस दौरान तरुण खंडवा में रहने वाले रिश्ते के भाई से बातचीत करता रहा। उसने अपना फोन तो बंद कर लिया था, लेकिन राहगीरों के मोबाइलों से बात की। आरोपित के रुपये खत्म हो गए थे और कोई भी उसे रुपये देकर फंसना नहीं चाहता था, इसलिए वह वापस भोपाल आने की फिराक में था। मंगलवार को आरोपित को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
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