
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की परीक्षा 10 फरवरी से शुरू हो रही है। इस बार परीक्षाओं को शुचितापूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए मंडल ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यदि किसी भी परीक्षा केंद्र पर सामूहिक नकल का मामला पुख्ता होता है, तो उस केंद्र की पूरी परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी। परीक्षा में नकल करने वाले परीक्षार्थियों पर तीन साल की जेल या पांच हजार रुपये का जुर्माना का प्रावधान है।
मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं में यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करता है या कोई व्यक्ति इसमें उसकी सहायता करता है तो तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है। कक्षा में सामूहिक नकल या अन्य व्यक्ति द्वारा नकल करवाने पर उस केंद्र की सभी परीक्षाएं निरस्त होंगी। प्रदेश में 16 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। प्रदेश भर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। वहीं राजधानी में 104 परीक्षा केंद्र रहेंगे।
एक उत्तर पुस्तिका में एक से अधिक हस्तलिपि में प्रश्न हल किए हो तो व्यक्तिगत नकल प्रकरण की श्रेणी में रखा जाएगा और सभी विषयों की परीक्षा और परीक्षाफल निरस्त किया जाएगा। साथ ही उस केंद्र के केंद्राध्यक्षों, सहायक केंद्राध्यक्षों व पर्यवेक्षकों को पांच साल तक परीक्षा कार्य से वंचित किया जाएगा।
माशिमं ने स्पष्ट किया है कि सामूहिक नकल की पहचान केवल परीक्षा हाल तक सीमित नहीं रहेगी। यदि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के समय किसी एक परीक्षा केंद्र की कम से कम 10 उत्तर पुस्तिकाएं एक ही तरीके (समान उत्तर और समान शैली) से लिखी हुई पाई जाती हैं, तो इसे सामूहिक नकल की श्रेणी में माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित केंद्र की परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाएगा।
मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं में यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करता है, या कोई व्यक्ति इसमें उसकी सहायता करता है तो तीन साल की सजा का प्रविधान है। अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाए जाने पर विद्यार्थी की पूरी परीक्षा निरस्त होगी। बोर्ड परीक्षा में कैलकुलेटर का उपयोग अनुचित साधन की श्रेणी में माना जाएगा। साधारण केलकुलेटर, साइंटिफिक कैलकुलेटर, पेजर, सेल्युलर फोन, कंप्यूटर के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है।
परीक्षा केंद्रों पर 20 विद्यार्थियों पर पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा। एक कक्षा में 20 से अधिक व 40 से कम विद्यार्थियों पर दो पर्यवेक्षक नियुक्त रहेंगे। विद्यार्थियों की 40 से अधिक संख्या होने पर 15 परीक्षार्थियों पर एक पर्यवेक्षक रहेगा।
10वीं व 12वीं परीक्षा में नकल करने वाले परीक्षार्थियों पर कड़ा प्रतिबंध होगा। सामूहिक नकल की श्रेणी में आने पर पूरी परीक्षा निरस्त होगी। परीक्षा की तैयारियां पूरी हो चुकी है- बलवंत वर्मा, परीक्षा नियंत्रक, माशिमं।