
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान वह करीब आधे घंटे तक फैक्ट्री परिसर में घूमे और गैस राहत से जुड़े अफसरों से चर्चा की। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री की करीब 85 एकड़ जमीन के उपयोग के संबंध में चर्चा हुई। दूसरी ओर गैस पीड़ित संगठन भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुलाकात करना चाह रहे थे, लेकिन सीएम उनसे मुलाकात किए बिना ही वहां से निकल गए।
इस दौरान सीएम डॉ. यादव ने कहा कि फैक्ट्री से गैस रिसाव से हुई घटना मप्र के इतिहास में एक भीषण त्रासदी थी, जो कि कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी। यहां मौत का तांडव हुआ था। पहली बार कोई मुख्यमंत्री फैक्ट्री में आया। कांग्रेस ने यहां पर लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया था। 25 साल तक जहरीला कचरा यहां पड़ा रहा। हमारी सरकार ने कोर्ट के मार्गदर्शन में निष्पादन किया। निष्पादन कर दुनिया को संदेश दिया कि हम इस तरह के जहर से निपट सकते हैं।
वहीं, आने वाले समय में इस स्थान पर मेमोरियल बनाने सहित क्या-क्या विकास कार्य कर सकते हैं, इसके सुझाव लेंगे। सभी पक्षों को विश्वास में लेकर इस जगह को बेहतर बनाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फैक्ट्री के मालिक वारेन एंडरसन को यहां से भगाने के लिए कांग्रेस के लोगों ने ही बड़ी मदद की थी। राहुल गांधी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। उनकी ही जवाबदार दादी और पिता के शासनकाल में यह कलंक बना रहा। हमने इस कलंक को हटाने का काम किया है। मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान भी यहां के लिए कुछ नहीं किया गया। हम बंद पड़ी फैक्ट्रियों से रोजगार ढूंढ रहे हैं। एक के बाद एक नए काम कर रहे हैं। भोपाल को मेट्रोपालियन सिटी बना रहे हैं। जहां रुकावटें हैं, उन्हें हटा रहे हैं।
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फैक्ट्री का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम डॉ. यादव से गैस पीड़ित संगठन ने भी मुलाकात का प्रयास किया। संगठन की रचना ढिंगरा ने बताया कि कई महिलाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन नहीं मिल रही है। साथ ही गैस पीड़ितों के पुनर्वास, स्वास्थ्य को लेकर बनी राज्य स्तरीय समिति की बैठक पिछले 11 साल से नहीं हुई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री से बात करना चाह रहे थे, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो पाई।