
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी के 'होटल कोर्टयार्ड' की एक घोर लापरवाही ने न केवल सेवा मानकों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि एक सनातनी परिवार की शुचिता और धर्म को भी चोटिल कर दिया। न्यू ईयर सेलिब्रेशन की आड़ में होटल प्रबंधन ने शाकाहारी उपभोक्ता को 'वेजिटेबल दम बिरयानी' के नाम पर मांस के टुकड़ों से युक्त चिकन बिरयानी परोस दी। इस अपराध के लिए जिला उपभोक्ता आयोग ने होटल पर 18 हजार रुपये का दंड लगाया है।
जानकारी के मुताबिक कटारा हिल्स निवासी सीमांत दुबे अपने मित्र विनय तिवारी के साथ 31 दिसंबर 2022 की रात उत्सव मनाने के लिए होटल पहुंचे थे। उन्होंने शुद्ध शाकाहारी भोजन का 1707 रुपये ऑर्डर दिया, जिसके लिए लेकिन परोसी गई बिरयानी में मांस की हडि्डयां देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सात्विक जीवन शैली और सनातनी मर्यादा का पालन करने वाले उपभोक्ताओं को भोजन के दौरान मांस के अंश मिलने से न केवल शारीरिक रूप से उल्टियां हुईं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी तोड़ दिया।
मामला जब 29 मई 2023 को जिला उपभोक्ता आयोग पहुंचा, तो होटल प्रबंधन ने होटल में ''भीड़'' और ''मानवीय भूल'' का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ना चाहा। लेकिन आयोग के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल व डा प्रतिभा पांडेय की बेंच ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। बेंच ने अपने आदेश में कहा कि वेज बिरयानी के स्थान पर चिकन बिरयानी परोसना स्पष्ट रूप से सेवा में कमी है। चूंकि उपभोक्ता ब्राह्मण जाति का हैं, ऐसे में उन्हें मानसिक पीड़ा और अपमान का सामना करना पड़ा होगा। इसी आधार पर आयोग ने होटल प्रबंधन को 18 हजार रुपये का हर्जाना अदा करने का निर्देश दिया।
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आयोग का कहना है कि ऐसे मामलों में उपभोक्ता की सजगता के कारण होटल प्रबंधन को अपनी गलती माननी पड़ी। उपभोक्ता ने उस चिकन बिरयानी का फोटो व वीडियो कर लिया था। साथ ही उन्होंने बिल भी जमा किया था। जिससे जब पहली बार में होटल प्रबंधन अपनी गलती मानने से इंकार कर रहा था तो इसे कोर्ट में पेश किया गया, बाद में होटल प्रबंधन भी अपनी गलती मानी और हर्जाना देने को तैयार हुआ।