
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: निशातपुरा इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति से आईसीआईसीआई बैंक के कर्मचारी ने हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर दस्तावेज लेकर खोता खोल लिया। इसके बाद उनके नाम से खोले गए खाते से करीब चार से पांच करोड़ रुपये का लेनदेन किया। जब पीड़ित को आयकर विभाग द्वारा नोटिस थमाए गए तो उसे धोखाधड़ी का पता चला और एमपीनगर थाना पुलिस को शिकायत की।
पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली लेकिन आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इसी बीच आइसीआइसीआइ बैंक द्वारा पीड़ित को मुआवजा का प्रलोभन दिया जा रहा है, जिससे वह काफी परेशान हो गया है। ऐसे में पीड़ित ने कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई में आवेदन देते हुए कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले के अलावा 140 आवेदक विभिन्न शिकायतें लेकर पहुंचे, जिन्हें एडीएम, एसडीएम ने सुनते हुए विभागीय अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए हैं।
द्वारका नगर कौच फैक्ट्री क्षेत्र में रहने वाले कैलाश नारायण शर्मा ने शिकायती आवेदन देते हुए बताया कि आदित्य सिंह तोमर ने आईसीआईसीआई कार्ड सहित अन्य दस्तावेज लिए थे। जिनका उपयोग कर मेरे नाम से खाता खोल लिया और 25 फरवरी 2021 से 15 मार्च 2024 तक करीब चार से पांच करोड़ रुपये का अवैधानिक लेनदेन किया। जब आयकर विभाग ने नोटिस दिए तो फर्जीवाड़ा के पता चला और अब तक कुल छह से सात नोटिस मिल चुके हैं।
साथ ही पीड़ित ने अपने आवेदन में बताया कि एमपीनगर पुलिस ने एफआइआर दर्ज की लेकिन गिरफ्तारी नहीं की है। बैंक द्वारा मुझे 10 हजार रुपये का प्रलोभन दिया जा रहा है, जिससे मैं लेनदेन से मना कर दूं। जबकि बैंक ने भी एमपीनगर थाना पुलिस को शिकायत की है, लेकिन वह मुझे नहीं दी जा रही है, जिससे मैं आयकर विभाग को जवाब दे सकूं। एडीएम ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने के लिए आवेदन पुलिस को भेज दिया है।
जनपद पंचायत बैरसिया की ग्राम पंचायत रूनाहा पर करीब 25 लाख रुपये घोटाला करने का आरोप लगा है।पंचायत के ग्रामीण राधेश्याम, लक्ष्मीनारायण, जगदीश , भगवान सिंह सहित अन्य ने शिकायत की है कि पंचायत में करोड़ों रुपये के अनगिनत घोटाले किए हैं। इनमें सबसे प्रमुख सामुदायिक भवन और बाउंड्रीवाल के लिए दो बार करीब 25 लाख रुपये निकाले हैं, जबकि सामुदायिक भवन एक बार भी नहीं बना है। मामले की जांच एसडीएम बैरसिया को सौंपी गई है।
विदिशा की रहने वाली एक छात्रा ने बताया कि वह बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। उसके पिता की मृत्यु हो गई है जबकि मां छोड़कर चली गई है। वह दादी के पास रह रही है आर्थिक स्थिति खराब होने से फीस जमा नहीं कर पा रही है, ऐसे मे परीक्षा से वंचित रह जाएगी। इस पर कलेक्टर के निर्देश पर छात्रा की रेडक्रास के माध्यम से फीस जमा करने में मदद की गई। छात्रा अपनी आर्थिक स्थिति बताने कलेक्ट्रेट दो रुपये लेकर पहुंची थी।
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कमला पार्क के रहने वाले सैय्यद बिलाल ने शिकायत की है कि उन्होंने पत्नी को प्रसव के लिए समर्पण अस्पताल शाहजहांनाबाद में भर्ती करवाया था। जहां 15 जनवरी को सुबह साढ़े नौ बजे पत्नी को ओटी में ले जाया गया, जहां डॉक्टर रफ्त के द्वारा सामान्य प्रसव किया जा रहा था।सामान्य प्रसव नहीं हो सका और नवजात की मौत हो गई। जिसका जिम्मेदार अस्पताल प्रबंधन है। मामले की जांच सीएमएचओ को सौंपी है।