
नईदुनिया न्यूज, सोहागपुर। विकासखंड के शासकीय शिक्षण संस्थानों में ई-अटेंडेंस को लेकर शिक्षकों की लापरवाही लगातार बनी हुई है। शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के बाद भी कई शिक्षक पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार उच्च न्यायालय द्वारा ई-अटेंडेंस के खिलाफ लगाई गई याचिका का पूर्ण निराकरण किए जाने के बाद विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। बावजूद इसके कई स्कूलों में निर्धारित समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं की जा रही है , जिससे मासिक डेटा संकलन और शैक्षणिक गतिविधियों के मूल्यांकन में बाधा उत्पन्न हो रही है।
स्कूल एजुकेशन पोर्टल 3.0 के डाटा के मुताबिक 560 शिक्षकों में से 209 शिक्षकों के द्वारा ई-अटेंडेंस पंच नहीं की गई थी। पोर्टल पर 21 शिक्षक आन लीव दिखाई पड़ रहे थे तो इतने ही शिक्षकों के आन ट्रेनिंग होने की जानकारी पोर्टल बता रहा था। उक्त संबंध में सोहागपुर बीइओ राकेश उइके के द्वारा एक आदेश भी जारी किया गया है जिसमें समस्त संकुल प्राचार्यों , समस्त हाईस्कूल प्राचार्यों , समस्त प्रधान पाठकों , माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षकों , समस्त लोक सेवकों सहित समस्त अतिथि शिक्षकों को अनिवार्य रूप से ई-अटेंडेंस लगाने के संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।
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ई-अटेंडेंस प्रणाली को तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने के साथ ही बीईओ उइके द्वारा जारी पत्र के अनुसार सभी शिक्षकों को ई-अटेंडेंस अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश है। बिना ई-अटेंडेंस के शिक्षकों को अनुपस्थित माना जाएगा। शिक्षकों को मोबाइल डिवाइस में लोकेशन एवं इंटरनेट की सुविधा साथ रखने एवं किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए स्वयं उत्तरदायी होंगे। बीईओ के मुताबिक 205 अतिथि शिक्षकों में से 193 अतिथि शिक्षकों के द्वारा ई-अटेंडेंस लगाई गई तो वहीं 560 शिक्षकों में से 355 शिक्षकों के द्वारा अपनी ऑनलाइन उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज कराई गई थी।