
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश के पदोन्नति नियम 2025 को लेकर बुधवार यानि 12 नवंबर को जबलपुर हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। इसमें अनारक्षित वर्ग द्वारा नियम के प्रावधान को लेकर अपना पक्ष रखेगा। सरकार की ओर से पहले ही नियम के पक्ष में तथ्य रखे जा चुके हैं। उधर, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को सरकारी नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण देने के मामले में भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है।
सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पदोन्नति नियम को लेकर सभी पक्ष न्यायालय के सामने रख दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न दिशा-निर्देश की रोशनी में तैयार किए हैं। जो पदोन्नतियां होंगी, वे भी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन प्रकरण के निर्णय के अधीन रहेंगी। इसके साथ ही यह भी बताया है कि 58 प्रतिशत पद खाली हैं। केवल 42 प्रतिशत कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है। पदोन्नति होंगी तो निचले पद रिक्त होंगे और उन पर भर्ती की जा सकेगी।
यह भी पढ़ें- मानवता शर्मसार... छतरपुर में महिला के हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से पिटाई, Video वायरल
उधर, अनारक्षित वर्ग का कहना है कि नियम आरक्षित वर्ग को लाभांवित करने वाले हैं। सुप्रीम कोर्ट में प्रकरण विचाराधीन है। यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश हैं। नए नियम लागू करने से पहले विशेष अनुमति याचिका वापस नहीं ली। जिन्हें 2002 के नियम से पदोन्नति मिली थी, उन्हें फिर अवसर दिया जा रहा है। इसको लेकर ही विरोध था, जिसके कारण नियम निरस्त हुए थे।