भोपाल के जेपी अस्पताल में दवाओं के साथ बंट रही बीमारियां, टैबलेट में फफूंदी के बाद अब माउथवाश में मिला 'कीड़ा', मचा हड़कंप
Bhopal News: राजधानी के सबसे बड़े जिला चिकित्सालय (जेपी अस्पताल) में साल के शुरुआती 9 दिनों के भीतर ही अस्पताल की फार्मेसी से वितरित दवाओं में खराबी क ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 09 Jan 2026 10:06:10 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Jan 2026 10:23:55 PM (IST)
टैबलेट में फफूंदी के बाद अब माउथवाश में मिला 'कीड़ा'। (AI Generated) नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी के सबसे बड़े जिला चिकित्सालय (जेपी अस्पताल) में साल के शुरुआती नौ दिनों के भीतर ही अस्पताल की फार्मेसी से वितरित दवाओं में खराबी के दो गंभीर मामले उजागर हुए हैं। तीन जनवरी को जहां एक मरीज ने फफूंदी लगी डिक्लोफेनाक टैबलेट मिलने की शिकायत की थी, वहीं छह जनवरी को सील पैक माउथवाश के भीतर कीड़ा जैसी आकृति मिलने से हड़कंप मच गया।
5 सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन
इन शिकायतों के बाद शुक्रवार को सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने पांच सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है। इस टीम में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। यह दल अस्पताल के ड्रग स्टोर और फार्मेसी में रखे पूरे स्टाक की जांच कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट आने तक संदिग्ध दवाओं के बैच के वितरण पर रोक लगाई जा सकती है।
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नमी है बड़ी चुनौती
जांच के दौरान ड्रग स्टोर के स्टाफ ने स्वीकार किया कि अस्पताल परिसर और स्टोर की दीवारों पर बनी रहने वाली 'नमी' दवाओं की गुणवत्ता के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। कई बार शिकायत के बावजूद स्टोर की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इधर, जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन ने इस पूरे संवेदनशील मामले पर चुप्पी साध रखी है। फिलहाल, माउथवाश के सैंपल को टेस्टिंग के लिए भेज दिया गया है।