भोपाल। गृहणियों में जोड़ों का दर्द एक आम समस्या है। ज्यादातर महिलाओं के पैरों में अक्सर दर्द रहता है। घुटनों में दर्द के कारण उनकी कार्यशैली पर भी प्रभाव पड़ता है। ये समस्या अधिकतर रात के समय ज्यादा परेशान करती है। एक उम्र के बाद महिला और पुरुष दोनों को ही घुटनों में दर्द की शिकायत होती है, लेकिन पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह समस्या अधिक देखी जाती है। महिलाओं के घुटनों में दर्द पुरुषों की तुलना में अधिक रहता है। इसकी एक वजह महिला और पुरुष की शारीरिक संरचना में अंतर है।
दरअसल महिलाओं के जाइंट्स की मूवमेंट्स अधिक होने के साथ ही उनके लिगामेंट्स भी अधिक लचीले होते हैं। चूंकि महिलाओं के घुटनों की मूवमेंट अधिक रहती है, इसके कारण दर्द की संभावना बढ़ जाती है। घुटनों में चोट लगने पर उसका सही और तुरंत इलाज न कराने पर भविष्य में दर्द का खतरा बढ़ सकता है। जब आप जरूरत से ज्यादा व्यायाम या दौड़ लगाते हैं तो नी कैप और टेंडन पर दबाव पड़ता है और जोड़ों में दर्द बढ़ जाता है।
(डा. संगारिका जैन,मेडिकल आफिसर, जेपी अस्पताल, भोपाल)
आवश्यकता से अधिक व्यायाम सेहत के लिए नुकसानदायक है। पुरुषों की अपेक्षा अधिकतर महिलाएं मोटापे की समस्या का शिकार होती हैं। अधिक वजन के कारण घुटनों पर दबाव पड़ता है। वजन जितना अधिक होगा, उसका पांच गुना अधिक दबाव घुटनों पर पड़ेगा। घुटनों या जोड़ों में दर्द से बचाव के लिए शरीर को स्वस्थ रखने की जरूरत है। इसके लिए अगर आप व्यायाम करते हैं तो ऐसे व्यायाम को चुनें तो घुटनों की कार्टिलेज को बचाए। घुटनों के दर्द से बचाव के लिए तैराकी और साइकिलिंग कर सकते हैं। अधिक वजन के कारण घुटनों पर दबाव पड़ता है, इसलिए संतुलित वजन बनाएं रखें ताकि घुटनों पर दबाव न पड़े और दर्द की संभावना को कम किया जा सके।