
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार सरसों की फसल पर भी किसानों को भावांतर देगी। इसके लिए केंद्र सरकार को लिखा है। गर्मी में फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए उड़द और मूंगफली की खरीदी के साथ इन पर बोनस देने का भी प्रयास है। गर्मी में मूंग के उत्पादन में कीटनाशकों के अधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने दूसरी फसलों के उत्पादन पर जोर दिया। कहा कि सब पूछ रहे हैं, गेहूं की खरीदी 2700 रुपये प्रति क्विंटल कब से होगी। हमने जो भी घोषणाएं की थी, पांच वर्ष के लिए थी। अभी तीन वर्ष बचे हैं। जो कहा है, वह करके दिखाएंगे।
मुख्यमंत्री ने रविवार को भोपाल में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने की औपचारिक शुरुआत के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में किसानों के हित में कई घोषणाएं कीं। इस मौके पर किसानों की आय बढ़ाने के लिए रोडमैप और वर्ष भर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में रूपरेखा बताई। इसमें किसानों की आय बढ़ाने, अपव्यय घटाने, कृषि में रोजगार सृजन, आधुनिकीकरण, प्राकृतिक एवं जैविक कृषि, जल मिट्टी एवं कृषि आदान का अनुकूलन, मूल्य श्रृंखला बाजार एवं किसान हिस्सेदारी, निर्यात ब्रांडिंग एवं वैश्विक उपस्थिति, अनुसंधान, नवाचार आदि पर विशेष ध्यान रहेगा।
डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में सिंचाई क्षमता बढ़ने से खेती का रकबा ढाई लाख हेक्टेयर बढ़ गया है। देश में पहली बार किसान कल्याण वर्ष किसी राज्य में मनाया जा रहा है। इसमें हम किसानों से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं पर काम करेंगे। किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण दिलाने का निर्णय किया है। वर्ष में मोटे अनाजों के उत्पादन, प्रसंस्करण पर विशेष ध्यान रहेगा। कोदो-कुटकी की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कर रहे हैं। इन पर एक हजार रुपये प्रति क्विंटल हमारी सरकार दे रही है। डिंडौरी में राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र, ग्वालियर में सरसों और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। पांच हार्स पावर पंप वाले 30 लाख किसानों को सोलर पंप दिलवाएंगे।
उन्होंने कहा कि कहा, कांग्रेस ने किसानों को फूटी कौड़ी नहीं दी जबकि हम 12 हजार रुपये सम्मान निधि दे रहे हैं। कांग्रेस ने कभी दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने का काम नहीं किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ई-विकास वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान प्रणाली की शुरुआत भी की। इस एप और पोर्टल के माध्यम से किसान अपने आधार नंबर से पंजीयन कर अपनी फसल के अनुसार खाद की अनुमानित खपत जान सकेंगे और खरीदी के लिए बुकिंग कर सकेंगे। वहीं, एक वर्ष के कार्यक्रमों का कैलेंडर भी जारी किया गया।
किसानों को मौसम की सटीक जानकारी देने के लिए संभागीय मुख्यालयों में वेदर इन्फारमेशन नेटवर्क डाटा सिस्टम विकसित करेंगे।
फूड प्रोसेसिंग पार्क बनाएंगे। संभागीय बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
कृषि विभाग में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के 1348 पद भरे जाएंगे। साथ ही 386 पदों पर भर्ती मंडी बोर्ड से की जाएगी।
कृषि उपज मंडियों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। उद्यानिकी का रकबा 28 लाख से बढ़कर 30 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य है। 46 कृषि प्रक्षेत्र को माडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
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कृषक कल्याण वर्ष के शुभारंभ अवसर पर किसानों ने 1101 ट्रैक्टरों की रैली निकाली जो आरटीओ आफिस तिराहा कोकता बायपास से प्रारंभ हुई। सबसे आगे के ट्रैक्टर को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कुछ दूर तक चलाया। रैली में भोपाल, विदिशा और रायसेन के ट्रैक्टर शामिल हुए।