
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में 35 साल की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान मिलेगा। लंबे समय से चली आ रही इस मांग को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में हरी झंडी दी गई। क्रमोन्नत वेतनमान की पात्रता एक जुलाई 2023 या उसके बाद से होगी। 15 हजार शिक्षकों को इसका लाभ इसी वित्तीय वर्ष में मिलेगा। जबकि, योजना के दायरे में सवा लाख शिक्षक आएंगे। इस निर्णय से पदोन्नति की पात्रता रखने वाले शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों को प्रतिमाह तीन से पांच हजार रुपये का लाभ होगा। इसके लिए 322 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
कैबिनेट बैठक में वित्त विभाग की आपत्ति को दरकिनार करते हुए ग्वालियर और उज्जैन व्यापार मेले में वाहनों के विक्रय पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना था कि भारत सरकार जीएसटी की दरों में संशोधन करके पहले ही वाहनों पर छूट दे चुकी है। ऐसे में और छूट देने से राज्य के राजस्व की क्षति होगी। मंत्रियों ने इसे खारिज करते हुए कहा कि इसे केवल वाहनों तक जोड़कर नहीं देखना चाहिए। मेले के इस मुख्य आकर्षण की वजह से दूसरी बिक्रियां होती हैं, जिनसे राजस्व प्राप्त होता है। काफी देर चर्चा के बाद छूट देने का निर्णय लिया गया।
रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही सोलर सह चार घंटे 300 मेगावाट, सोलर सह छह घंटे 300 मेगावाट एवं सोलर सह 24 घंटे 200 मेगावाट विद्युत प्रदाय की सिंगल साइकिल चार्जिंग आधारित ऊर्जा भंडारण परियोजना को स्वीकृति दी गई। इससे राज्य में पीक डिमांड के समय भी सस्ती बिजली मिलेगी।
सिंहस्थ-2028 को देखते हुए सरकार ने उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना के लिए 1,133 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। वहीं, राजगढ़ जिले की सारंगपुर तहसील की मोहनपुरा विस्तारीकरण सिंचाई परियोजना से 26 ग्रामों की 11,040 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी, जिससे 10,400 किसान परिवार लाभांवित होंगे। इसी तरह, रायसेन जिले की सुल्तानपुरा उद्वहन सिंचाई परियोजना से सुल्तानपुर तहसील के 20 ग्रामों की 5,700 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी। इसका लाभ 3,100 कृषक परिवारों को होगा। वहीं, बारना सिंचाई परियोजना से बरेली तहसील के 36 ग्रामों की 15 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी, जिसमें 6,800 कृषक परिवारों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के पांचवें चरण में नगरीय निकायों में तीन वर्ष के लिए पांच हजार करोड़ की स्वीकृति दी गई। इससे मास्टर प्लान, जिले व शहर की प्रमुख सड़कों का निर्माण, सड़क सुरक्षा एवं शहरी यातायात सुधार, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, डायवर्जन ड्रेन तथा एसटीपी निर्माण संबंधी काम किए जाएंगे।
कैबिनेट ने अंतरिक्ष-ग्रेड विनिर्माण की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश स्पेसटेक नीति 2026 को लागू करने की स्वीकृति दी। यह नीति उपग्रह निर्माण, भू स्थानिक विश्लेषण और डाउन स्ट्रीम अनुप्रयोगों में नवाचार को बढ़ावा देगी। आगामी पांच वर्ष में एक हजार करोड़ का निवेश और लगभग आठ हजार रोजगार का सृजन होगा। इस पर अनुमानित वित्तीय भार 628 करोड़ रुपये आएगा। नीति के लागू होने से राज्य अंतरिक्ष उद्योग को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे और अनुसंधान सहायता के माध्यम से अपनी रणनीति बना सकेगा। नव प्रवर्तन और अनुसंधान अंतर्गत स्पेसटेक उत्कृष्टता केंद्र एवं इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित होगा।
मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गडरा में एक परिवार के लोगों को बंधक बनाया था। घर के अंदर एक व्यक्ति की मृत्यु होने के बाद शव को अभिरक्षा में लेने के दौरान हुए हमले में सहायक उप निरीक्षक रामचरण गौतम का निधन हो गया था। स्वजन को पहले 10 लाख की अनुग्रह राशि दी गई और अब 90 लाख रुपये की श्रद्धा निधि देने का निर्णय लिया है।
- दूसरे चरण में 200 सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना के लिए 3,660 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इनकी प्रस्तावित क्षमता एक हजार से अधिक होगी।
- वर्ष 2026-27 की आबकारी नीति के निर्धारण के लिए मंत्रिपरिषद समिति गठन की स्वीकृति।
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