
प्रशांत व्यास, नवदुनिया, भोपाल: राजधानी के कुख्यात बदमाश राजू ईरानी की गिरफ्तारी के बाद निशातपुरा स्थित अमन कॉलोनी में संचालित ईरानी डेरे के भीतर अब एक नई जंग छिड़ गई है। यह जंग किसी इलाके या जमीन की नहीं, बल्कि उस सिस्टम पर कब्जे की है, जो वर्षों से दूसरे राज्यों में लूट, डकैती और ठगी करने वाले बदमाशों को भोपाल में पनाह और सुरक्षा देता आया है।
भोपाल में फिलहाल दो बड़े ईरानी डेरे सक्रिय हैं, जिनमें 50 से ज्यादा शातिर लुटेरे और ठग जुड़े हुए हैं। इन डेरों की कार्यप्रणाली बेहद संगठित है। यहां ठहरने वाले बदमाशों को साफ निर्देश होता है कि वे मध्य प्रदेश में कोई वारदात नहीं करेंगे। अपराध सिर्फ गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश जैसे राज्यों में किए जाते हैं, ताकि स्थानीय पुलिस से सीधा टकराव न हो।
अपराध कर लौटने के बाद ये बदमाश सीधे ईरानी डेरे पहुंचते हैं। यहीं से असली खेल शुरू होता है। डेरे के सरदार, राजू ईरानी, काला और मस्तान और मुख्तार ईरानी जैसे बदमाश उन्हें शरण देते हैं और बदले में लूट, डकैती और ठगी की रकम का 30 से 50 प्रतिशत तक हिस्सा वसूलते हैं। यह रकम 'कानूनी सुरक्षा' के नाम पर ली जाती है।
बदमाशों को भरोसा दिया जाता है कि अगर वे किसी दूसरे राज्य में पकड़े भी गए, तो डेरे के सरदार अपने संपर्कों के जरिए उन्हें बचाने की कोशिश करेंगे। इसी वसूली को लेकर ईरानी डेरे में सबसे ज्यादा विवाद होते हैं। कौन बदमाश किस सरदार को हिस्सा देगा, किसके संरक्षण में रहेगा, यही तय करता है डेरे में उसका भविष्य।
राजू ईरानी की गिरफ्तारी के बाद अमन कॉलोनी ईरानी डेरा इस समय सत्ता के खालीपन से गुजर रहा है। पहले जहां राजू और काला ईरानी के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी, अब डेरे के कई दूसरे बदमाश भी खुद को अगला सरदार साबित करने में जुट गए हैं। हालांकि राजू का बेटा जेल में रहने तक उसका उत्तराधिकारी बताया जा रहा है, लेकिन अब बदमाशों को सुरक्षा देने के मामले में काला ईरानी व मस्तान भी सक्रिय हो गए हैं, जो कि सुरक्षा की गारंटी की बात कर रहे हैं।
अगस्त 2025 में अमन कॉलोनी डेरे के तीन बदमाशों ने जयपुर में लूट की एक बड़ी वारदात की थी। जयपुर पुलिस ने उस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि तीसरे आरोपी के डेरे में छुपे होने की सूचना थी। दो महीने पहले जब जयपुर पुलिस उसे ढूंढते हुए भोपाल पहुंची तो उसके पहले ही आरोपी वहां से निकल गया।
कुछ दिन पहले अमन कॉलोनी डेरे के ही कुछ बदमाशों ने बांदा में 11 तोला सोने की लूट की थी। लेकिन बदमाश साबिर ने काला ईरानी को इसकी सूचना दी और एक हिस्सा भी उस तक पहुंचाया। बाद में जब पुलिस आई तो लूट का कुछ सोना तो पुलिस को मिला, लेकिन आरोपित को अपने साथ नहीं ले जा सकी।
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निशातपुरा पुलिस ने बदमाश राजू ईरानी को रविवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि रिमांड अवधि के दौरान राजू से उसके पुराने अपराधों से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाई जाएंगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि उसने किन-किन राज्यों में पहचान बदलकर अपराध किए और वहां उसके कौन-कौन से साथी सक्रिय थे।
उन्होंने बताया कि अब तक राजू के विरूद्ध 13 केस दर्ज होने की जानकारी मिली है। जांच के दौरान उसके पास से अपराध में इस्तेमाल किए गए दस्तावेज, मोबाइल और अन्य सामग्री की बरामदगी भी की जानी है। साथ ही ईरानी डेरे के नेटवर्क, संरक्षण देने वाले लोगों और उसके संपर्कों की भी पड़ताल की जाएगी।
ईरानी गैंग के 40 से अधिक बदमाशों को पुलिस ने चिन्हित कर पिछले महीने दबिश दी थी। इस दौरान 27 बदमाश गिरफ्तार किए गए थे। राजू ईरानी तब फरार हो गया था, जिसके बाद भोपाल पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क भी किया था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद जो अन्य कुछ बदमाश फरार हैं, उनको भी जल्द पकड़ा जाएगा ताकि पूरे अपराधी गिरोह को जड़ से खत्म कर सकें।
-मयूर खंडेलवाल, डीसीपी जोन-4