
नईदुनिया, भोपाल: इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल पीने से हुई मौतों (MP Contaminated Water Crisis) की संख्या को लेकर सामने आ रहे अलग-अलग आंकड़ों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मीडिया से चर्चा में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एक भी व्यक्ति की जान जाना अत्यंत कष्टकारी है, इसलिए सरकार इस घटना को केवल आंकड़ों के नजरिये से नहीं देख रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की अपनी दृष्टि और प्रक्रिया होती है। जिन परिवारों ने शव का पोस्टमार्टम कराया है, उनके आधार पर प्रशासन द्वारा आंकड़े तय किए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार जो संख्या सामने आई है, वही प्रशासनिक आंकड़ा है, हालांकि इसे अंतिम नहीं माना जा सकता।
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डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भागीरथपुरा परिक्षेत्र में हुई मृत्यु की घटनाओं के संबंध में इंदौर नगर निगम में दर्ज मृत्यु पंजीयन के आंकड़ों के आधार पर राज्य सरकार संबंधित मृतकों के स्वजनों को राहत राशि प्रदान करेगी। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि सरकार हर क्षण प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
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