यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
MP Krishi Vikas Yojana: गोपालन के लिए अनुदान दे रही शिवराज सरकार, योजना का ऐसे उठाएं लाभ
MP Krishi Vikas Yojana: मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक कृषि विकास येाजना चला रही है। योजना के तहत किसानों...और पढ़ें
By Bharat MandhanyaEdited By: Bharat Mandhanya
Publish Date: Sat, 12 Aug 2023 01:29:21 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Aug 2023 11:05:22 AM (IST)
प्राकृतिक कृषि विकास येाजना चला रही शिवराज सरकारHighLights
- प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही शिवराज सरकार
- प्राकृतिक कृषि विकास येाजना चलाई जा रही
- गोपालन के लिए दिया जाता है अनुदान
MP Krishi Vikas Yojana भोपाल। मध्य प्रदेश में फसलों में रसायनों का कम से कम उपयाेग करने और मृदा का संरक्षण करने के लिए शिवराज सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए किसानों को जैविक खेती छोड़ प्राकृतिक खेती कि लिए प्रोत्साहित कर उन्हे इसके लिए 'मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि विकास येाजना' के माध्यम से न सिर्फ प्राकृतिक खेती के लिए ट्रेनिंग बल्कि गोपालन के लिए अनुदान भी दे रही है।
क्या है योजना?
कीटनाशक मुक्त फसल उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए शिवराज सरकार ने मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि विकास योजना शुरू की है। इसके तहत गोपालन के लिए किसानों को अनुदान देने के साथ ही प्राकृतिक खेती के लिए ट्रेनिंग भी दी जाती है।
कैसे कार्य करेगी योजना?
'मध्य प्रदेश प्राकृतिक कृषि विकास येाजना' के तहत पहले चरण में सभी जिलों में 100-100 गांवों का चयन किया जाता है। प्रत्येक गांव में 5 किसान चयनित किए जाते हैं। इस तरह कुल 26 हजार किसानों का चयन कर उन्हें गाैपालन के लिए अनुदान देने के साथ ही ट्रेनिंग दी जाती है।
क्या रहेगी शर्त?
- केवल वे ही किसान योजना में शामिल होंगे जिनके पास देशी गाय है
- न्यूनतम एक एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती करना अनिवार्य होगा
- एक गाय के लिए 900 रुपये प्रति माह का अनुदान मिलेगा
किन्हे मिलेगा योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ सभी वर्गों के किसानों को दिया जाएगा।
इस तरह दी जाएगी ट्रेनिंग
योजना के क्रियान्वयन के लिए 'आत्मा' योजना के तहत किसानों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए किसानों का चयन कर उन्हे ट्रेनिंग दी जाएगी और उन्हे अन्य किसानों को ट्रेनिंग देने के लिए तैयार किया जाएगा।
ये रहेगी प्रक्रिया
- पोर्टल/मोबाइल ऐप के जरिए किसानों का पंजीकरण होगा
- इनमें से 5 प्रगतिशील किसानों का चयन किया जाएगा
- चयनित किसानों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा
- प्रशिक्षण के बाद मास्टर ट्रेनर को 'प्राकृतिक प्रेरक' कहा जाएगा
- प्राकृतिक प्रेरक उन सभी किसानों को प्रशिक्षित करेंगे जो पूर्व में पंजीकृत हैं
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https://mpnf.mpkrishi.org/