
Ken Betwa River Link Project: नवदुनिया राज्यू ब्यूरो, भोपाल। लोकसभा चुनाव से पहले केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत बनने वाले दौधन बांध की आधारशिला रखी जा सकती है। इसको लेकर तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। उधर, परियोजना से प्रभावित हो रहे छह हजार हेक्टेयर वनभूमि के बदले में तीन हजार हेक्टेयर राजस्व भूमि वन विभाग को देने के लिए चिह्नित कर ली गई है। इसके हस्तांतरण सहित शेष भूमि प्राप्त करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश वन विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया ने मंगलवार को मंत्रालय में हुई बैठक में अधिकारियों को दिए।
बैठक में बताया गया कि वन विभाग को छह हजार हेक्टेयर राजस्व भूमि दी जानी है। अधिकारियों ने बताया गया कि जिला प्रशासन ने तीन हजार हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर ली है। इसे जल्द ही वन विभाग को सौंपा जाएगा।
इस पर बिगड़े वनों का सुधार, बांस रोपण, चंदन पौधारोपण, गूगल रोपण, वन विहीन पहाड़ियों को हरा भरा करने के लिए जैवविविधता संरक्षण, जल ग्रहण उपचार, वन्यजीव पर्यावास सुधार, संरक्षित क्षेत्रों से गांवों का विस्थापन, वन्यजीव प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा प्रबंधन, रोपणियों का प्रबंधन सहित अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे।

वहीं, राज्य स्तरीय कैंपा प्रशासकीय अभिकरण की बैठक भी हुई। इसमें 1300 करोड़ रुपये के प्रस्तावों का अनुमोदन हुआ। यह राशि अगले वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए मांगी जाएगी। वन संरक्षण अधिनियम की शर्तों का पालन प्रतिवेदन भी भारत सरकार को भेजा जाएगा। साथ ही जंगल में होने वाले वैकल्पिक पौधारोपण, पुराने वृक्षों के रखरखाव, किराए के वाहन, कैंचमेट एरिया ट्रीटमेंट, जल संसाधन की परियोजनाओं के अन्य विकास कार्य को लेकर समीक्षा की गई।
राज्य स्तरीय अग्नि अनुश्रवण समिति की बैठक में वन अपराध और जंगलों में आग की घटनाओं की रोकथाम और बचाव को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया गया। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जंगलों में ग्रीष्म ऋतु में होने वाली आग की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। इसके लिए जो भी आवश्यकता हो, उसके प्रस्ताव बनाकर भेजें।