भोपाल में अब नहीं कटेंगे जानवर... स्लाटर हाउस हमेशा के लिए बंद, 11 कर्मचारियों पर गिरी गाज
नगर निगम भोपाल के स्लाटर हाउस में गोकशी की पुष्टि के बाद मंगलवार को दिनभर हंगामा हुआ। नगर निगम की परिषद बैठक में पार्षदों के हंगामे के बाद स्पीकर किशन ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 13 Jan 2026 10:15:07 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Jan 2026 10:15:07 PM (IST)
भोपाल में अब नहीं कटेंगे जानवरनईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। नगर निगम भोपाल के स्लाटर हाउस में गोकशी की पुष्टि के बाद मंगलवार को दिनभर हंगामा हुआ। नगर निगम की परिषद बैठक में पार्षदों के हंगामे के बाद स्पीकर किशन सूर्यवंशी ने विवादित स्लाटर हाउस को हमेशा के लिए बंद करने की घोषणा कर दी। साथ ही तय किया कि भोपाल शहर में अब कोई जानवर नहीं काटे जाएंगे। वहीं संभाग आयुक्त संजीव सिंह ने नगर निगम के पशु चिकित्सक और स्लाटर हाउस के प्रभारी डॉ. बेनी प्रसाद गौर को निलंबित कर दिया। कटने के लिए आए पशुओं को प्रमाणित करने की जिम्मेदारी इनकी ही थी, लेकिन आरोप है कि वे कभी स्लाटर हाउस जाते नहीं थे।
गोमांस की पुष्टि के बाद फूटा जन आक्रोश
नगर निगम के स्लाटर हाउस से दूसरे प्रदेशों को भेजे गए मांस में गोमांस की पुष्टि के बाद लोग आक्रोशित हैं। पिछले कुछ दिनों से रोज प्रदर्शन हो रहे हैं। मंगलवार को भी अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद, राष्ट्रीय बजरंग दल और जय मां भवानी हिन्दू संगठन ने प्रदर्शन कर गोकशी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। नगर निगम की परिषद बैठक में भी भाजपा-कांग्रेस के पार्षदों ने महापौर को घेर लिया। जिसके बाद परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने जानवरों के वध पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा करते हुए संबंधित ठेका एजेंसी को स्थायी रूप से ब्लैक लिस्टेड करने और आरोपित डॉक्टर सहित 11 कर्मचारियों को हटाने का निर्णय लिया।
कंटेनर में मिला था 26 टन मांस
बता दें कि हिंदू संगठनों ने 17 दिसंबर की रात पुलिस मुख्यालय के सामने यूपी रजिस्ट्रेशन नंबर का एक कंटेनर रोका था जिसमें 26 टन मांस लदा था। यह मांस भोपाल नगर निगम के अत्याधुनिक स्लाटर हाउस से लोड होकर निकला था। जांच कराने पर गोमांस होने की पुष्टि हुई। सात जनवरी को पुलिस ने गोवध निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर स्लाटर हाउस संचालक असलम कुरैशी और कंटेनर चालक को गिरफ्तार कर लिया।
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