
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल: प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि समाधान योजना में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि नहीं प्राप्त होने और कार्य में लापरवाही पर अधिकारियों का अब ट्रांसफर नहीं, बल्कि उनका डिमोशन किया जाएगा। समाधान योजना में जो सर्किल सबसे अच्छी उपलब्धि अर्जित करेगा, उसके अधीक्षण यंत्री को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
यह बात ऊर्जा मंत्री ने समाधान योजना की प्रगति की ऑनलाइन समीक्षा के दौरान कही। उन्होंने सर्किलवार योजना की प्रगति की समीक्षा की। तोमर ने कहा कि कंपनी क्षेत्र के अंतर्गत प्रथम सर्किल को 25 हजार रुपये और सर्वश्रेष्ठ सहायक यंत्री को 11 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। संबंधित के गोपनीय चरित्रावली में भी इसकी इंट्री की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि रबी सीजन में किसानों को हर हाल में 10 घंटे की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान सचिव (ऊर्जा) विशेष गढ़पाले ने लंबित बिजली बिल जमा नहीं करने वालों के बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश दिए। कहा कि लक्ष्य के अनुसार वसूली जरूरी है। इस दौरान पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी अनय द्विवेदी और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी अनूप सिंह सहित सभी अधिकारी बैठक में आनलाइन उपस्थित रहे।
इस मौके पर मंत्री तोमर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से बिजली उपभोक्ताओं, पेंशनधारकों एवं प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिए पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के तीन नवाचारों का शुभारंभ किया। उन्होंने सिंथेटिक लान टेनिस कोर्ट का भी वर्चुअल उद्घाटन और नालंदा अभिलेख कक्ष, क्यूआर फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ और पेंशन मित्र पुस्तिका का विमोचन किया।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के दो लाख रुपये से अधिक के बिजली बिल बकाया हैं, उनसे मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता स्वयं बात करें। इसका डिटेल मंत्री कार्यालय को भी दें। उन्होंने कहा कि प्रथमत: बड़े बकायादारों से सख्ती से वसूली करें। कंपनी की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए यह कार्य जरूरी है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड का भ्रमण करें।
समाधान योजना में अभी तक 578 करोड़ 22 लाख रुपये जमा हुए हैं। बिजली उपभोक्ताओं के 264 करोड़ 17 लाख रुपये के सरचार्ज माफ किए गए हैं। सर्वाधिक 382 करोड़ 72 लाख रुपये मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र में जमा हुए हैं। योजना का प्रथम चरण 31 जानकारी तक चलेगा।
मंत्री ने बिजली कंपनियों के अधिकारी-कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों से समाधान योजना में सहयोग का आग्रह किया। संगठन के पदाधिकारियों ने योजना की अवधि आगामी मार्च माह तक बढ़ाने, अधिक से अधिक शिविर लगाने सहित अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए।