
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में पीने का संकट यथावत है। नगर निगम टैंकरों के माध्यम से पानी वितरित तो कर रहा है, लेकिन यह पानी पीने के योग्य नहीं है। ऐसे में रहवासी सामाजिक संस्थाओं द्वारा वितरित किए जा रहे आरओ पानी पर निर्भर हैं। इधर कलेक्टर शिवम वर्मा और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने सोमवार सुबह भागीरथपुरा पहुंचकर पेयजल एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
रहवासी रमेश बिजवा, राजाराम बोरासी ने बताया कि निगम द्वारा जिन टैंकरों से पानी वितरित किया जा रहा उनकी स्थिति में सोमवार को मामूली सुधार हुआ है, लेकिन अब भी यह पानी पीने योग्य नहीं है। रहवासियों ने बताया कि पानी में गंदगी और पीलापन साफ नजर आ रहा है। इस पानी को कैसे कोई पी सकता है।
कलेक्टर शिवम वर्मा और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल सोमवार सुबह भागीरथपुरा टंकी परिसर में पहुंचे। उन्होंने सभी अपर आयुक्तों, नगर निगम एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ भागीरथपुरा क्षेत्र में की जा रही पेयजल टैंकर व्यवस्था, सफाई, स्वास्थ्य एवं उपचार संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने टैंकरों की उपलब्धता, सफाई व्यवस्था, संजीवनी क्लिनिक के माध्यम से उपचार, नागरिकों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में की जा रही कार्रवाई को देखा।
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क्षेत्र में जल वितरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए इस पूरे क्षेत्र को 32 बीटों में विभाजित किया गया है। इन बीटों के माध्यम से जल वितरण पर नियंत्रण, स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, सफाई सुनिश्चित की जाएगी। इन बीटों में किए जा रहे कार्य की निगरानी के लिए अपर आयुक्त प्रखर सिंह, अर्थ जैन, आकाश सिंह, आशीष पाठक, अभय राजनगांवकर, मनोज पाठक, श्रृंगार श्रीवास्तव और एनएन पांडे को दायित्व सौंपे गए हैं। अपर आयुक्तों से कहा गया है कि वे उन्हें आवंटित बीट क्षेत्रों में रोजाना भ्रमण करें और नागरिकों से समन्वय करते हुए पेयजल, सफाई एवं उपचार से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करें।
निगम द्वारा टैंकरों के माध्यम से वितरित किए जा रहे पानी को उबालकर और छानकर ही उपयोग में लेने की समझाइश दी जा रही है। इसके लिए निगम टीम द्वारा पंपलेट के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।