
मुकेश विश्वकर्मा, नईदुनिया, भोपाल। पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में प्रदेश का पहला पंचकर्म सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल शुरू हो गया है। 10 करोड़ की लागत से बने इस 50 बेड के अस्पताल में पारंपरिक इलाज से पहले जांच के अत्याधुनिक तरीकों का इस्तेमाल कर बीमारी की पहचान की जा रही है। सीटी स्कैन, एक्सरे, खून की जांच आदि के विश्लेषण के बाद उपचार की योजना बनती है।
पारंपरिक पंचकर्म थेरेपी में निदान नाड़ी परीक्षण पर आधारित था। पारंपरिक वैद्यों की इस सबसे विश्वसनीय प्रणाली में बेहद दक्षता की आवश्यकता है। कमतर की स्थिति में गलत निदान और फिर गलत उपचार की स्थिति बनती थी।
बाद में बीमारी की कारगर पहचान के लिए खून की जांच और एक्स-रे का उपयोग किया जाने लगा। लेकिन इसकी भी सीमाएं सामने आने लगी थीं। कई बार मरीज को कमर दर्द, गर्दन दर्द, घुटनों का दर्द या नसों की समस्या होती है, लेकिन खून की जांच रिपोर्ट में सब सामान्य मिलता है।
एक्स-रे से नसों और स्नायु तंत्र में दिक्कतों की पूरी तस्वीर नहीं आती। ऐसे में इस अस्पताल ने पहली बार निदान के लिए सीटी स्कैन करना शुरू किया है। इससे न्यूरो, स्पाइन और ज्वाइंट से जुड़ी समस्या की सही तस्वीर सामने आ रही है।
डॉक्टर उसी रिपोर्ट के आधार पर तय कर रहे हैं कि मरीज को कौन सा तेल, कौन सी भाप, कौन सी बस्ति या कौन सी मालिश दी जाए। इससे इलाज ज्यादा सुरक्षित और सटीक हो गया है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि आने वाले दिनों में यह सेंटर मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के मरीजों के लिए पंचकर्म का बड़ा ठिकाना बनेगा।
इस सेंटर की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरा पैकेज है। यहां नौ दिन के पंचकर्म पैकेज की कीमत करीब 30 हजार रुपये रखी गई है। इसमें रहने, खाने, थेरेपी और डॉक्टर की देखरेख सब शामिल है। मरीजों को रोज आयुर्वेद आधारित भोजन दिया जाता है, जो उनके रोग के हिसाब से तय होता है। बुजुर्गों, कमर दर्द, साइटिका, माइग्रेन, जोड़ों के दर्द, अनिद्रा और तनाव से परेशान लोगों के लिए अलग-अलग पैकेज बनाए गए हैं।
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थेरेपी के दौरान संगीत थेरेपी भी दी जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि धीमा संगीत मरीज के तनाव को कम करता है। इससे नींद अच्छी आती है और शरीर जल्दी रिकवर करता है।
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पंचकर्म की परंपरा को आधुनिक जांच के साथ जोड़ने का समय आ गया है। हमारा मकसद है कि मरीज को सुरक्षित, विज्ञानिक और आरामदायक तरीके से पंचकर्म का पूरा लाभ मिले। - डॉ. उमेश शुक्ला, प्राचार्य, पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल।