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MPEB के रिटायर्ड अधिकारी को ठग बताकर किया Digital Arrest, बुजुर्ग के खाते से उड़ाए 3 लाख

भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र में सीबीआई का सब इंस्पेक्टर बनकर ठगों ने एक रिटायर्ड एमपीईबी कर्मचारी से 3 लाख की ठगी कर ली। आरोपियों ने बुजुर्ग को डिजिटल...और पढ़ें

By prashant vyasEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sat, 10 Jan 2026 03:51:56 AM (IST)Updated Date: Sat, 10 Jan 2026 04:00:44 AM (IST)
MPEB के रिटायर्ड अधिकारी को ठग बताकर किया Digital Arrest, बुजुर्ग के खाते से उड़ाए 3 लाख
बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. कानून का डर दिखाकर एक बुजुर्ग से साइबर ठगी
  2. डिजिटल अरेस्ट में रखकर तीन लाख रुपये ठग लिए
  3. पुलिस ने पीड़ित को किया रेस्क्यू, मामले में केस दर्ज

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: राजधानी के कोलार में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने कानून का डर दिखाकर एक बुजुर्ग को ही साइबर अपराधी घोषित कर दिया और तीन दिन तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर उनसे तीन लाख रुपये ठग लिए।

मामला सामने आने के बाद कोलार थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित को रेस्क्यू किया और अज्ञात ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी ने बताया कि पीड़ित 72 वर्षीय जगन्नाथ राठौर एमपीईबी (मध्यप्रदेश विद्युत मंडल) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और कोलार के शिर्डीपुरम इलाके में अकेले रहते हैं।


पांच दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली सीबीआई का सब इंस्पेक्टर बताया और बेहद सख्त लहजे में बातचीत शुरू की। उसने कहा कि जगन्नाथ राठौर के एयरटेल नंबर से एक साइबर फ्राड किया गया है और वे इस मामले में आरोपी हैं। फोन करने वाले ठग ने डर का माहौल बनाते हुए कहा कि यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बुजुर्ग के खाते से निकाले लाखों

इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' में होने की बात कही गई। ठगों ने निर्देश दिया कि वे किसी से बात नहीं करेंगे, घर से बाहर नहीं जाएंगे और लगातार फोन और वीडियो कॉल पर उपलब्ध रहेंगे। तीन दिनों तक ठगों ने उन्हें मानसिक रूप से इतना डरा दिया कि वे खुद को अपराधी समझने लगे। इस दौरान ठगों ने उनसे बैंक खातों, एटीएम कार्ड, ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारियां हासिल कर लीं। धीरे-धीरे उनके खातों से करीब तीन लाख रुपये निकाल लिए गए।

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उन्होंने घर में मौजूद सदस्यों को भी डिजिटल अरेस्ट होने की सूचना नहीं दी और खुद को कमरे में बंद कर लिया। मामला तब खुला जब उसके भांजे ने कोलार पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस तत्काल पीड़ित के घर पहुंची और उन्हें इस तथाकथित डिजिटल अरेस्ट से मुक्त कराया।

आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज

जांच में सामने आया कि दो मोबाइल नंबरों से ठगों ने पीड़ित से संपर्क किया था। साथ ही तीन बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की गई है। कोलार पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी सोनी ने बताया कि आरोपियों के बैंक खातों को होल्ड कर ठगी की राशि फ्रीज कर ली है, जिसे कोर्ट के माध्यम से पीड़ित को लौटा दिया जाएगा।