
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल में कहीं सड़कें गड्ढों में गुम हैं तो कहीं मेट्रो और फ्लाईओवर निर्माण के नाम पर रास्ते बदहाल हैं। बारिश के बाद सड़कों की दुर्दशा और यातायात की परेशानी पर अब संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने अधिकारियों की जवाबदेही तय की है। उन्होंने सोमवार को सड़क निर्माण एजेंसियां एनएचएआइ, एमपीआरडीसी, पीडब्ल्यूडी, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और नगरीय निकायों के अधिकारियों के साथ बैठक कर समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि दीपावली तक शहर की सड़कें गड्ढामुक्त करने के साथ रिंग रोड की मरम्मत, ब्लैक स्पाट खत्म करने और चौराहों को लेफ्ट टर्न फ्री बनाने का काम पूरा किया जाए। बारिश में खराब हुई सड़कों का रखरखाव और मरम्मत 10 दिन में पूरी की जाए। शहर के सभी मार्गों का रोड रेस्टोरेशन भी तत्काल पूरा हो। भोपाल की ओर आने वाले मार्गों और रिंग रोड की मरम्मत को प्राथमिकता देने को कहा है।
इज्तिमा में बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए शहर के चारों तरफ के मार्गों का काम 20 नवंबर तक पूरा करना होगा। आयोजन स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों को भी समयसीमा में तैयार करने के निर्देश दिए गए। वहीं भोपाल के आसपास के राष्ट्रीय राजमार्गों का मेंटेनेंस 15 नवंबर तक पूरा करना होगा।
मेट्रो निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों पर संभागायुक्त ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए। मेट्रो और संबंधित निर्माण एजेंसियों को आपसी समन्वय से आवागमन सुगम बनाने को कहा। संत हिरदाराम नगर में निर्माणाधीन ओवरब्रिज की धीमी गति पर असंतोष जताते हुए निर्धारित समय में निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। रातीबड़-सीहोर मार्ग को जल्द दुरुस्त करने को कहा, ताकि इंदौर रोड पर यातायात का दबाव कम हो।
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जनवरी में प्रस्तावित जीआइएस को देखते हुए शहर की सड़कों के साथ सांची और भोजपुर जैसे पर्यटन स्थलों के मार्ग भी सुधारने को कहा गया।रायसेन जंक्शन पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास एप्रोच रोड, साइनेज और रेडियम लगाने के निर्देश दिए। एनएचएआई के प्रोजेक्ट भी तय समयसीमा में पूरे करने को कहा गया।
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