
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। कोहेफिजा की पाश कॉलोनी सूरज नगर में रहने वाले एडवोकेट अखिलेश श्रीवास्तव के घर हुई लाखों की चोरी के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस नौकरानी पर परिवार पिछले 20 साल से आंख मूंदकर भरोसा कर रहा था, वही इस पूरी साजिश की सूत्रधार निकली। पुलिस ने इस घर के भेदी समेत आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। कोहेफिजा पुलिस के मुताबिक 25-26 दिसंबर की दरम्यानी रात हुई इस वारदात की पटकथा महीनों पहले लिखी जा चुकी थी।
एडवोकेट के घर में पिछले 20 वर्षों से काम करने वाली 40 वर्षीय ज्योति सावले को घर के चप्पे-चप्पे और कीमती सामान की सटीक जानकारी थी। उसने यह गोपनीय सूचना बंगाली चौराहा के पास इंदौर में रहने वाली अपनी 45 वर्षीय बहन किरण उर्फ रेखा के साथ साझा की। किरण ने अपने रिश्तेदार मित्रबंधु कॉलोनी बंगाली चौराहा इंदौर निवासी अनिल भाल्से के जरिये गिरोह के सरगना वाजिद अली उर्फ वज्जू से संपर्क साधा और चोरी की इस बड़ी वारदात की रेकी पूरी की।
अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए शातिराना तरीका अपनाया। घर की सुरक्षा में तैनात कुत्ते को चुप कराने के लिए उसे मांस खिलाकर लालच दिया गया, ताकि वह भौंक न सके। इसके बाद चोरों ने घर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया और 18 लाख की नकदी व जेवरातों पर हाथ साफ कर दिया। हालांकि, शातिर अपराधी सीसीटीवी कैमरों की नजरों से खुद को नहीं बचा पाए, जो उनकी गिरफ्तारी का मुख्य आधार बना। कोहेफिजा थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर घेराबंदी करते हुए अब तक आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिनमें ज्योति सावले, किरण, अनिल भाल्से, सादिक, मोहम्मद असद, अरबाज, गोलू और लकी शामिल हैं।
पुलिस ने इनके कब्जे से अभी दो लाख सात हजार रुपये, एक कार और आठ मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गौरतलब है कि फरियादी ने लगभग 18 लाख रुपये और भारी मात्रा में सोने के जेवर चोरी होने का दावा किया था, जिसकी बरामदगी के प्रयास जारी हैं। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, लेकिन गिरोह का मुख्य सरगना वाजिद अली उर्फ वज्जू और उसके 11 अन्य साथी अभी भी फरार हैं। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
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