
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने लाखों पेंशनरों को नए साल का बड़ा तोहफा दिया है। 'ईज़ ऑफ लिविंग' और पेंशनरों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विभाग ने 'डोरस्टेप डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट' (DLC) सेवा की शुरुआत की है। इस नई पहल के बाद अब बुजुर्ग पेंशनरों को जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बैंकों, ईपीएफओ कार्यालयों या पोस्ट ऑफिस के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
अब तक पेंशनरों को पोस्ट ऑफिस के माध्यम से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए 70 रुपये का शुल्क देना पड़ता था। लेकिन ईपीएफओ ने नई डोरस्टेप सुविधा को पूरी तरह नि:शुल्क (Free) रखा है। इसके लिए ईपीएफओ ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के साथ एक विशेष समझौता किया है, जिससे पेंशनरों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी खत्म हो जाएगा।
इस सेवा के अंतर्गत डाक विभाग के डाक सेवक या पोस्टमैन सीधे पेंशनर के घर पहुंचेंगे। वहां वे आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (Fact) का उपयोग कर पेंशनर का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार करेंगे। इसमें बायोमेट्रिक मशीनों की जगह चेहरे के प्रमाणीकरण से ही प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, जो बुजुर्गों के लिए काफी सुविधाजनक है।
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पेंशनर घर बैठे इस सेवा का लाभ उठाने के लिए कई माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं:
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-2, मृगेश महादेव घरडे ने बताया कि यह सुविधा विशेष रूप से उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजाइन की गई है जो स्मार्टफोन का उपयोग करना नहीं जानते या गंभीर स्वास्थ्य कारणों से घर से बाहर जाने में असमर्थ हैं। ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान डाक सेवक या किसी भी प्रतिनिधि को किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा।