
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के वादे को हकीकत में बदलने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। हॉर्टिकल्चर विभाग के माध्यम से राज्य में 'क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट' (Cluster Development Project) शुरू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों की आमदनी में 30 से 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी करना है। इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत सागर जिले से होगी, जहां आलू, प्याज और टमाटर जैसी सब्जियों पर फोकस किया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब किसानों को अपनी फसल लेकर मंडियों के चक्कर नहीं काटने होंगे। बाहरी बड़ी कंपनियां सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचेंगी और वहां से उपज की खरीद करेंगी। इससे न केवल परिवहन का खर्च बचेगा, बल्कि किसानों को उनकी फसल का बेहतर और उचित दाम भी मिल सकेगा।
सरकार प्रत्येक क्लस्टर के विकास पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है। इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा किसानों को सशक्त बनाने में उपयोग होगा:
इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को किसान उत्पादक संगठन (FPO) के रूप में संगठित होना होगा। इसके लिए कुछ कड़े लेकिन लाभकारी नियम तय किए गए हैं:
भ्रष्टाचार रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हॉर्टिकल्चर बोर्ड ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। किसान संगठनों को एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर सत्यापन करेगी और उसके बाद सब्सिडी की राशि Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी।
छोटे किसान मिलकर एफपीओ बना सकते हैं। इसके लिए नोडल एजेंसी के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसकी फीस लगभग 1.18 लाख रुपये है। अधिकारी बताते हैं कि किसान समूह बनाकर यह राशि आसानी से जुटा सकते हैं और भविष्य में मिलने वाले करोड़ों के लाभ का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।