
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। ट्रेन में अकेले सफर करने वाली महिलाओं के लिए अब यात्रा पहले की तरह असुरक्षा और चिंताओं से भरी नहीं रही। कभी अनजान माहौल, भीड़ और छेड़छाड़ का डर महिला यात्रियों को मानसिक रूप से असहज कर देता था, लेकिन रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के आपरेशन ‘मेरी सहेली’ ने इस तस्वीर को बदल दिया है। पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) ने वर्ष 2025 में इस अभियान के तहत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
अभियान के आंकड़ों के मुताबिक, अकेले यात्रा कर रही 2,06,812 से अधिक महिला यात्रियों को आरपीएफ टीम द्वारा अटेंड किया गया। इस दौरान न केवल उन्हें सुरक्षा संबंधी सहायता प्रदान की गई, बल्कि उनके गंतव्य तक पहुंचने तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई। रेल प्रशासन इन यात्रियों से निरंतर फीडबैक भी ले रहा है, ताकि सुरक्षा सेवाओं को और अधिक पुख्ता बनाया जा सके।
आपरेशन ‘मेरी सहेली’ को प्रभावी बनाने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने 18 विशेष महिला टीमों का गठन किया है। इन टीमों में महिला आरपीएफ कर्मियों को शामिल किया गया है, जो प्रमुख स्टेशनों और यात्री गाड़ियों में तैनात रहकर पैनी नजर रखती हैं। यह टीमें कोच में जाकर महिला यात्रियों से संवाद करती हैं और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाती हैं।
सुरक्षा प्रबंधों के साथ-साथ जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महिला आरपीएफ कर्मी यात्रियों को चोरी, छेड़छाड़ और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के तरीके सिखा रही हैं। किसी भी संकट के समय त्वरित सहायता के लिए 24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर 139 को सक्रिय रखा गया है, जिस पर मिली शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाता है।
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रेल प्रशासन ने महिला यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सतर्क रहें और अपने सामान की सुरक्षा के प्रति सजग रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तुरंत आरपीएफ को दें। प्रशासन का मानना है कि ‘मेरी सहेली’ अभियान के माध्यम से महिलाओं को न केवल सुरक्षा मिली है, बल्कि रेल यात्रा के प्रति उनका भरोसा और सहयोग का अनुभव भी बढ़ा है।