
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर मंगलवार को हुई जल सुनवाई में अधिकारियों ने पेयजल से जुड़ी शिकायतों को सुना। मुरैना कलेक्टर की जलसुनवाई में दो युवा लगभग 100 किलोमीटर दूर से पैदल चलकर अपने गांव में पानी की समस्या के निस्तारण के लिए पहुंचे। हाथ में तिरंगा झंडा लेकर ये युवा-जितेंद्र धाकड़ और धर्मवीर धाकड़ रविवार की दोपहर रामपुर गांव से चले थे और मंगलवार की दोपहर मुरैना जिला मुख्यालय आए थे। दोनों युवाओं ने कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के नाम दिए आवेदन में अपने गांव में जलजीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी को चालू कराने की मांग की।
युवाओं ने बताया कि पानी की यह टंकी पांच साल से बन रही है, लेकिन शुरू नहीं हो पा रही है। नतीजतन, लोग पीने का पानी खरीदने को विवश हैं। गर्मी आते ही पेयजल संकट इतना भीषण हो जाता है कि लोग पानी के लिए रातभर जागरण करते हैं। कई बार हालात बिगड़ने पर टैंकरों से सप्लाई होती है। यह भी अवगत कराया कि घाटी क्षेत्र के अन्य गांवों में पेयजल की किल्लत बनी हुई है। उधर, ग्वालियर में जलसुनवाई में सात समस्याएं आईं, जिनका निराकरण कराया गया।
बता दें कि दूषित पानी से इंदौर के भागीरथपुरा में 24 लोगों की मौत और 3300 से अधिक लोगों के बीमार होने के बाद राज्य सरकार ने प्रत्येक मंगलवार को जलसुनवाई के निर्देश दिए थे।
आमजन की पानी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए शुरू हुई जलसुनवाई से इंदौर में एक सप्ताह में ही लोगों का विश्वास उठ गया। मंगलवार को आयोजित दूसरी जल सुनवाई में इक्का-दुक्का शिकायतकर्ता शिकायत करने पहुंचे। इन लोगों का कहना था कि सालों से नलों में दूषित पानी आ रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। पिछली जल सुनवाई में शहरभर से 309 शिकायतें आई थी, लेकिन मंगलवार को आंकड़ा 100 तक भी नहीं पहुंचा।
राजधानी भोपाल में नगर निगम के अधिकारी जलसुनवाई पर लोगों का भरोसा नहीं जगा पाए। परिणामत: मंगलवार को दूसरी जनसुनवाई में अधिकांश शिविरों में सन्नाटा पसरा रहा। जबकि पिछले मंगलवार (पहले सप्ताह) में उत्साह देखा गया था और 49 लोगों ने पानी की जांच करवाई थी।
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इस मंगलवार को सचिवालय और सघन बस्तियों से घिरे जोन 10 के वार्ड संख्या 42 में आहाता कल्ला शाह, रविदासपुरा और बरखेड़ी जैसे 21 बड़े मोहल्ले आते हैं, जहां अक्सर पेयजल की समस्या बनी रहती है, लेकिन एक भी नागरिक शिकायत लेकर नहीं आया। जोन 9 के वार्ड 23 जरूर एक शिकायत पहुंची। हाथीखाना क्षेत्र से नरेश बाथम ने अपने घर के पानी की शुद्धता जांच करवाई।
जबलपुर की जलसुनवाई में मंगलवार को शिकायतों की संख्या शून्य रही। हालांकि पूर्व के सप्ताह में हुई जलसुनवाई में 96 शिकायतें नगर निगम को प्राप्त हुई थीं, जिनमें 86 का निराकरण किया जा चुका है। इनमें एमआइजी हाउसिंग बोर्ड कालोनी में करीब दो माह से गंदे पानी की सप्लाई की शिकायत भी शामिल थी। इसका निराकरण दो दिन में ही पाइपलाइन बदल कर दिया गया। वहीं एक जनवरी से अब तक शहर में 500 स्थानों पर पाइपलाइन में लीकेज सुधारे गए। सिवनी में 20 शिकायतें पहुंचीं की गईं। एक पार्षद भी दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या लेकर पहुंचे।