
Umang Singhar Interview: वैभव श्रीधर, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में आदिवासी कांग्रेस के साथ हैं। लोकसभा चुनाव में भी वह कांग्रेस का ही साथ देंगे और भाजपा के बहकावे में नहीं आएंगे। आदिवासी जानते हैं कि उन्हें वनवासी बताकर भाजपा जो नई पहचान देने का प्रयास कर रही है, वह उन्हें जल, जंगल और जमीन के अधिकार से वंचित करने का षड्यंत्र है, जिसे कांग्रेस कभी सफल नहीं होने देगी।
कांग्रेस में कोई बिखराव नहीं है। हम सब एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में हैं। छिंदवाड़ा में कमल नाथ की जड़ें बहुत गहरी हैं, भाजपा वहां कभी सफल नहीं होगी। लोकसभा चुनाव के मुद्दे, टिकट वितरण में हुए विलंब, दिग्गजों के अपने क्षेत्रों में घिरने, प्रचार अभियान में पिछड़ने समेत कई विषयों पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 'नईदुनिया' से चर्चा की। प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश...
उत्तर : यह मुद्दा हमने नहीं भाजपा ने बनाया है। आखिर क्या कारण है कि भाजपा आदिकाल से निवास करने वालों को आदिवासी के स्थान पर वनवासी बताने पर तुली है। क्या यह उनके जल, जंगल और जमीन के अधिकार को छीनने का षड्यंत्र नहीं है। कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों के अधिकार को संरक्षण देने का काम किया है। वन अधिकार अधिनियम के माध्यम से पट्टे देने का काम किया पर भाजपा की सरकार ने प्रदेश में लाखों प्रकरण लंबित रखे।
उत्तर : प्रदेश की 29 में से छह लोकसभा सीटें आदिवासियों के लिए सुरक्षित हैं। आदिवासी कांग्रेस के साथ थे और रहेंगे। वर्ष 2018 और 2023 के विधानसभा चुनाव में आदिवासियों के लिए सुरक्षित सीटों पर पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा था। इस बार भी परिणाम अनुकूल ही रहेंगे।
उत्तर : जनता में भाजपा की वादाखिलाफी से नाराजगी है। महंगाई, बेरोजगारी से हर वर्ग परेशान है। विधानसभा चुनाव के समय जो घोषणाएं की गई थीं, उन पर भाजपा सरकार मौन है। मोदी सरकार की गारंटियां फेल हो चुकी हैं और यह मतदाता भी जानते हैं। हम केंद्र में सरकार बनने पर किसान को एमएसपी की गारंटी, युवा को सम्मान राशि, वन अधिकार के पट्टे और नौकरी की गारंटी देंगे। जनता जानती है कि कांग्रेस जो कहती है वह करती है, इसलिए वह हमें समर्थन देगी।
उत्तर : पार्टी ने सोच-समझकर वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारा है। कमल नाथ का छिंदवाड़ा से नाता आज का नहीं है। उनकी वहां जड़ें बहुत गहरी हैं और भाजपा लाख कोशिश कर ले पर वहां सफल नहीं होगी। दिग्विजय सिंह और कांतिलाल भूरिया का अपने क्षेत्र के साथ-साथ पूरे प्रदेश में प्रभाव है।
उत्तर : ऐसा बिलकुल भी नहीं है। चार चरणों में चुनाव हैं, इसलिए उसके हिसाब से प्रत्याशी घोषित किए गए। हम सब साथ में बैठे, हर पहलू पर विचार हुआ और फिर प्रत्याशी का चयन किया गया। अनबन की बातें भाजपा फैलाती है। ऐसा कुछ भी नहीं है। हम सब एक हैं और सामंजस्य बनाकर काम कर रहे हैं।
उत्तर : यह सब भाजपा की जुमलेबाजी है। 40 पार्टियों की बैसाखी लेकर वह तो 400 पार का नारा देती है। लाखों कार्यकर्ताओं के पार्टी छोड़ना का दावा किया जाता है पर विधानसभा चुनाव के पहले जब लाखों कार्यकर्ता भाजपा छोड़कर गए थे, तब किसी को नहीं दिखा। यही भाजपा के झूठ की फैक्टरी है जो लोगों को गुमराह करने का काम करती है। जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, उनके अपने कारण होंगे पर निष्ठावान कार्यकर्ता पार्टी के साथ था और है।
उत्तर : विधायक भोपाल आकर क्या करेंगे। वे अपने-अपने क्षेत्रों में जवाबदारी के साथ काम कर रहे हैं। जैसे-जैसे चुनाव के चरण आगे बढ़ेंगे, विधायक भी दूसरे क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार पहुचेंगे। राहुल गांधी के दो कार्यक्रम हो चुके हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खरगे समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी कार्यक्रम बन रहे हैं। संगठन भी काम कर रहा है। लोकसभा प्रभारी बनाए जा चुके हैं और वे अपने-अपने क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।