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नईदुनिया प्रतिनिधि, छतरपुर। जिले में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना के कार्य में लापरवाही और न्यून प्रगति पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर छतरपुर और नौगांव एसडीएम ने कार्रवाई करते हुए चार पटवारियों के विरुद्ध दंडात्मक कदम उठाए हैं।
इनमें एक पटवारी की दो वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकने के आदेश दिए गए हैं, जबकि तीन पटवारियों का एक-एक दिन का वेतन राजसात किया गया है। जानकारी के अनुसार, छतरपुर एसडीएम राजललन बागरी ने हल्का गोरा के पटवारी रोहित नायक पर कार्रवाई की है।
तय लक्ष्य से कम हुई रजिस्ट्रियां
उन्हें ग्राम गोरा एवं लहेरा में कुल 401 रजिस्ट्रियां कराने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन समीक्षा के दौरान केवल 28 रजिस्ट्रियां ही पूरी होना पाया गया। इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगने पर पटवारी ने सर्वर खराब होने और मोबाइल नेटवर्क की समस्या का हवाला दिया, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 10 के तहत दो वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकने की लघु शास्ति दी गई।
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इसी तरह नौगांव एसडीएम जीएस पटेल ने समीक्षा के दौरान स्वामित्व योजना में बेहद कम प्रगति पाए जाने पर तीन पटवारियों का एक दिन का वेतन राजसात किया है। इनमें हल्का टीला के मिथलेश खरे, गलान के जितेंद्र कुमार पटैरिया और परेथा के मुकेश कुमार अहिरवार शामिल हैं।
प्रशासन ने सभी संबंधित पटवारियों को पात्र भू-स्वामियों की निःशुल्क रजिस्ट्री का कार्य प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित लक्ष्यों में लापरवाही और उदासीनता बरतने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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