
नईदुनिया प्रतिनिधि, छतरपुर। छतरपुर जिले के नौगांव क्षेत्र में स्थित घौर्रा सरकार मंदिर का सड़क किनारे बनाया जा रहा तोरण द्वार अचानक भरभराकर गिर गया। द्वार के मलबा में चार मजदूर दब गए थे जिनमें एक की मौत हो गई और तीन घायल हो गए हैं। तीन मजदूरों में एक की हालत गंभीर है जिसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। तोरण द्वार बनने से पहले गिर गया है जिसे लेकर स्थानीय लोगों ने घटिया स्तर का निर्माण होने और मटेरियल लगाए जाने के आरोप लगाए हैं।
घटना शुक्रवार शाम की है। जहां एमपी-यूपी सीमा पर स्थित धौर्रा सरकार मंदिर का तोरण द्वार सड़क किनारे बनाया जा रहा था इस द्वार को करीब आधा दर्जन लोग बनाने में जुटे हुए थे। द्वार का स्लैब चढ़ाया जा रहा था तभी अचानक पूरा द्वार भर भराकर गिर गया। द्वार के मलबा में चार मजदूर दब गए थे, जिनमें करारागंज निवासी राममिलन पुत्र गोरेलाल उम्र 40 साल की मौत हो गई। भानू कुशवाह और धर्मेंद्र अहिरवार को नौगांव अस्पताल में भर्ती कराया गया है। संतु अहिरवार की हालत गंभीर होने पर उसे छतरपुर रिफर किया गया है। निर्माण कार्य को लेकर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने जांच के आदेश दिए हैं।
चिंताजनक बात यह है कि घटना के बाद तत्काल एंबुलेंस को काल किया गया था। लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची तो घायलों को टैक्सी से अस्पताल ले जाना पड़ा। इलाज के दौरान एक मजदूर राममिलन की मौत हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर एसडीएम जीएस पटेल मौके पर पहुंचे और घायलों से बात की।
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तोरण द्वार गिरने के हादसे को लेकर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने संवदेनशीलता दिखाते हुए तत्काल रूप से मृतक के परिवार को 20 हजार रुपये की रेडक्रॉस सोसाइटी से आर्थिक सहायता राशि और घायलों को 5-5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। साथ ही उक्त निर्माणाधीन तोरण द्वार के धराशाई होने, गुणवत्ता एवं निर्माण एजेंसी के संबंध में जांच दल का गठन किया गया है। जिसके जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
तोरण द्वार बनाया जा रहा था जो अचानक गिर गया है। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई है और तीन लोग घायल हो गए हैं। निर्माण कार्य को लेकर जांच की जाएगी। - जीएस पटेल, एसडीएम, नौगांव