
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले में सितंबर माह में विषाक्त कोल्ड्रिफ कफ सीरप से बच्चों के बीमार होने का मामला सामने आया था। तब स्वास्थ्य अलमा असमंजस में था और पानी से लेकर मच्छरों-चूहों को जिम्मेदार माना गया। बाद में पता चला कि ये मौतें कोल्ड्रिफ कफ सीरप से हुई हैं।
बहरहाल छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बैतूल के 25 बच्चों की कफ सीरप से मौत हुई। तीन बच्चे अब स्वस्थ हो गए हैं, लेकिन उनका आगे का जीवन भी कठिन हो गया है। अब इसी तरह का मामला विषाक्त मिठाई खाने से सामने आया है। इस मामले में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, तो दो अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं।
इस मामले में भी असमंजस की स्थिति है। सवाल यह है कि आखिर मिठाई में जहर मिलाया गया या फिर दूषित होने से जानें गईं। पहली मौत के बाद मृतक का पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ। अब भी मिठाई की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। प्रशासन कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग एक तरह से नाकारा साबित होता नजर आ रहा है। पुलिस भी अब तक मिठाई रखने वाले की तलाश करने में विफल रही है। जब मामले में पहली मौत पीएचई के चौकीदार दसरू यदुवंशी की हुई तो लापरवाही की हद ये रही कि बिना पोस्टमार्टम किए मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
ये सारा मामला उस वक्त सामने आया जब जुन्नारदेव में तामिया मार्ग पर पीएचई कार्यालय के पास लावारिस रूप से एक थैली में हरी सब्जी और मिठाई का एक डिब्बा रखा था। इसी डिब्बे से पांच लोगों ने एक-एक पीस मिठाई खाई और कुछ ही देर बाद वे तड़पने लगे। सबसे पहले पीएचई के चौकीदार दसरू यदुवंशी ने मिठाई का सेवन किया। इसके बाद पास में ही हाथ ठेला लगाकर दुकान चलाने वाली संतोषी बाई कचरिया ने मिठाई खाई, साथ ही अपने ससुर सुंदर लाल कचरिया, बच्ची पूजा व खुशबू को भी इसका सेवन कराया।
इस तरह से इस मिठाई मामले में दसरू यदुवंशी (53 वर्ष) एवं सुंदरलाल कथूरिया (75 वर्ष) के बाद 22 वर्षीय खुशबू की मौत हो गई। मिठाई कांड में कथूरिया परिवार के ही खुशबू (नातिन) और सुंदरलाल कथूरिया (दादा) की मौत हो चुकी है। फिलहाल दो महिलाएं, संतोषी बाई (45) और पूजा (19), जुन्नारदेव स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में सामने आया है कि यह पंजाबी पिन्नी स्थानीय बाजारों में आम तौर पर नहीं मिलती ।डिब्बे पर किसी दुकान या निर्माता का नाम नहीं लिखा था। बाजार में इसकी कीमत करीब 700 से 800 रुपये प्रति किलो बताई जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यह मिठाई आखिर कहां से आई। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और स्थानीय मुखबिरों से पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि एक अज्ञात व्यक्ति हाथ ठेले पर थैला टांगकर घूमता देखा गया था। उसी की तलाश की जा रही है।
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जिला खाद्य एवं औषधि विभाग के द्वारा उक्त सैंपल को अपनी प्रयोगशाला में भेजकर इसका परीक्षण सुनिश्चित किया गया है। अब देखना है कि प्रयोगशाला से जांच परीक्षण की रिपोर्ट आने के बाद कुछ हद तक इस मामले का खुलासा हो सकता है। इससे इस मामले की जांच को एक नई दिशा प्राप्त हो सकेगी।थाना प्रभारी राकेश बघेल का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मिठाई खराब थी या उसमें जानबूझकर जहर मिलाया गया था।