
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। देवास जिले में अवैध शराब के कारोबार और उसकी तस्करी का मामला अब एक पुलिस अधिकारी की मौत से जुड़ गया है। शराब तस्करी की सूचना पर संदिग्ध वाहन का पीछा कर उसे रोकने पहुंचे खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को आयशर वाहन ड्राइवर ने कुचल दिया। वाहन का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया।
गंभीर रूप से घायल टीआई की मौत हो गई। घटना रविवार देर रात करीब 2 बजे हरदा-नेमावर हाईवे पर हुई। इस घटना ने जिले में सक्रिय अवैध शराब के कारोबार और उसके नेटवर्क को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि हरदा की ओर से अवैध शराब से भरा वाहन इंदौर होते हुए गुजरात की तरफ जा रहा है। सूचना के आधार पर देवास एसपी आदित्य मिश्रा ने वाहन को पकड़ने के लिए पांच से अधिक पुलिस टीमें गठित की थीं। इनमें कन्नौद, सतवास और खातेगांव के थाना प्रभारी सहित पुलिसकर्मी शामिल थे। टीमें संदिग्ध वाहन का पीछा कर रही थीं और रास्ते में नाकाबंदी भी की गई थी।

इस तरह ट्रक के अंदर रखी थी शराब।
इसी दौरान हरदा-नेमावर हाईवे पर संदिग्ध आयशर वाहन रुका। खातेगांव टीआई दिलीप पुरी वाहन ड्राइवर को पकड़ने के लिए पहुंचे और उसे नीचे उतरने के लिए कहा। इसी बीच ड्राइवर और टीआई के बीच झूमाझटकी होने की जानकारी सामने आई। आरोप है कि ड्राइवर ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए वाहन आगे बढ़ा दिया। इस दौरान टीआई नीचे गिर गए और वाहन का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। उन्हें बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।

राजकीय सम्मान के साथ टीआई दिलीप पुरी को देवास पुलिस ने विदाई थी और पार्थिव शरीर को उनके परिवार को सौंपा।

घटना में शामिल आयशर वाहन का नंबर एमपी 43 एच 4786 बताया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन से करीब 298 पेटी शराब बरामद हुई है। शराब कहां से भरी गई थी, किसके नाम पर थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था, इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है। वाहन ड्राइवर की गिरफ्तारी और घटना के बाद उसकी गतिविधियों को लेकर भी अलग-अलग जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
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इस पूरे मामले में टिमरनी क्षेत्र का शराब कारोबार भी जांच के दायरे में आने की चर्चा है। प्रारंभिक सूचनाओं में दावा किया जा रहा है कि जब्त वाहन में शराब टिमरनी क्षेत्र की शराब दुकानों से भरी गई थी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने टिमरनी स्थित शराब कारोबार से जुड़े कार्यालय में पूछताछ की है और कुछ लोगों को जानकारी जुटाने के लिए बुलाया गया है।
हाल ही में आयोजित जनविश्वास शिविर में क्षेत्र में अवैध शराब की गतिविधियों को लेकर अधिकारियों के समक्ष शिकायत की गई थी।
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसपी ने पूरे मामले की जांच जारी होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कुछ देर में स्थिति स्पष्ट की जाएगी। पुलिस वाहन में मिली शराब के स्रोत, उसके परिवहन, कारोबारियों की भूमिका और तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी वर्ष 2007 बैच के उप निरीक्षक थे। टीआई बनने के बाद वे इंदौर के हीरानगर और चंदननगर थानों में भी पदस्थ रहे थे। वे मूल रूप से धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के बरमंडल गांव के निवासी थे। उनके परिवार के इंदौर में होने की जानकारी सामने आई है। उनका अंतिम संस्कार गृह क्षेत्र बरमंडल में किए जाने की बात कही गई है।

सूत्रों के अनुसार अवैध शराब टिमरनी ग्रुप की दुकानों से भरी गई थी, जिसके लाइसेंसी बड़वानी निवासी बताए जा रहे। गुजरात, इंदौर और टिमरनी से जुड़े लोगों के नाम अ रहे हैं। शुरुआती जांच में टिमरनी निवासी राहुल नामक व्यक्ति का नाम सामने आया है, लेकिन फिलहाल अधिकृत पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ लोगों को टिमरनी से पूछताछ के लिए उठाया है। राहुल के कांग्रेस से जुड़े होने और कांग्रेस के बड़े नेताओं से संबंध की बात भी सामने आई है। खातेगांव में भाजपा से जुड़े कुछ लोगों से भी संबंध हैं, जिनका शराब ठेकों में दखल होने की बात कही जा रही।
कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल ने उन पर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि मेरा बसों का काम है, बड़वानी वाले जायसवाल होंगे। इस मामले में मैंनेजर भूपेंद्र सिंह राणा को भी हिरासत में लेने की सूचना है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई।
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देवास में हाल ही में बड़ा शराब कांड हुआ था। चंदाना गांव में केमिकलयुक्त शराब पीने से करीब 13 लोगों की मौत हुई थी। अवैध शराब बेचने वालों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। मामले को कांग्रेस ने मुद्दा बनाया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार देवास आए थे। कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया था। कलेक्टर एसपी पर गाज गिरी और दोनों को हटाया गया। नए कलेक्टर एसपी ने हाल ही में ज्वाइन किया है।
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आबकारी अधिकारी पूजा गहलोत के अनुसार जांच में गाड़ी के नीचे एक गुप्त कंपार्टमेंट मिला, जिसमें शराब की पेटियां भरी थीं। गाड़ी घटनास्थल से कुछ दूरी पर खड़ी थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि रात में ड्राइवर गाड़ी में ही बैठा था और हेल्पर पानी पीने के लिए मां नर्मदा ढाबे पर गया था। जैसे ही अधिकारियों की गाड़ी आई, ड्राइवर ने गाड़ी डिवाइडर से क्रॉस कर हरदा की तरफ भगा दी और अगले फ्लाईओवर से मोड़कर फरार हो गया।
गाड़ी में कोई वैध परमिट नहीं मिला, इसलिए इसे सप्लाई नहीं कहा जा सकता। पेटियों पर लगे लेवल से पता चला कि शराब खरगोन की ब्रेवरीज की है। आरोपियों के बारे में अभी जानकारी नहीं है, पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। अनुमान है कि 100 से 200 पेटियां अंदर हैं।