
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। इस साल एक बार फिर बसंत पंचमी शुक्रवार (23 जनवरी) को पड़ रही है। यह संयोग 2006, 2013 और 2016 के बाद दोबारा बना है। एक ओर जहां लोग इस उल्लासपूर्ण पर्व का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर धार की भोजशाला को लेकर पुलिस-प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। इसकी वजह यह है कि इससे पहले ऐसे तीन मौकों पर पथराव और आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसके चलते कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी थी। इस बार किसी तरह की परेशानी न हो, इसे लेकर प्रशासन दोनों पक्षों से लगातार बातचीत कर रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था की जांच
इलाके की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए रविवार को करीब 2000 जवानों ने फ्लैग मार्च किया। रिपोर्ट के अनुसार, पूरे क्षेत्र में 1000 सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन से निगरानी की जा रही है। जिले में कुल 2435 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके। इसके अलावा सीआरपीएफ के 8000 जवान भी सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए मौजूद रहेंगे।
किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी
किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पूरे भोजशाला परिसर को 6 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। एक ओर मुस्लिम पक्ष ने नमाज के लिए सुरक्षा की मांग की है, वहीं दूसरी ओर हिंदू पक्ष ने अखंड पूजन का संकल्प लिया है। प्रशासन ने भोजशाला परिसर में पुलिस चौकी और कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है।
कमाल मौलाना मस्जिद नमाज इंतजामिया कमेटी के सदर जुल्फिकार पठान ने कहा है कि मुस्लिम समाज की ओर से शहर की शांति बनाए रखने में पूरा सहयोग किया जाएगा। वहीं, महाराजा भोज स्मृति बसंतोत्सव समिति के सुरेश जलोदिया ने बताया कि भोज समिति और समूचे हिंदू समाज की ओर से बसंत पंचमी के अवसर पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजा करने का निर्णय लिया गया है।
अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं
भोजशाला में मंगलवार और बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा की अनुमति हिंदुओं को 7 अप्रैल 2003 के एएसआई आदेश के तहत प्राप्त है। वहीं, मुस्लिम समाज को शुक्रवार की नमाज की अनुमति दी गई है। इस बार दोनों एक ही दिन पड़ने के कारण स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
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