
नईदुनिया प्रतिनिधि, बाग/धार: जिले के बाग गुफा मार्ग से आधा किमी दूर खाई के नाले में लगभग ढाई से तीन वर्षीय नर तेंदुआ मृत अवस्था में मिला। प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भूख से मौत होने की आशंका व्यक्त की गई है। पोस्टमार्टम में देखा गया कि मृत तेंदुए की भूख की वजह से आंत सिकुड़ गई थी। जंगल से सटे इलाके में तेंदुए का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
शनिवार की रात वन विभाग को सूचना मिली कि बाग गुफा रोड के ग्राम जामनियापुरा में तेंदुआ मृत अवस्था में पड़ा है। ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद वन विभाग टीम रात में ही मौके पर पहुंची। तेंदुआ सड़क मार्ग कुछ अंदर खाईनुमा नाले के किनारे मिला। इस स्थान के आसपास अब खेती का विस्तार हो रहा है, लेकिन इलाका अभी भी जंगल से जुड़ा होने के कारण जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है।
रविवार को पशु चिकित्सालय की तीन सदस्यीय टीम ने तेंदुए का पोस्टमॉर्टम किया। टीम में कुक्षी से आए डॉ. दामोदर गेहलोत, डॉ. दिनेश मुजाल्दा तथा डॉ. सुनील बड़ोले शामिल रहे। डॉ. बड़ोले ने बताया कि नर तेंदुए की मौत लगभग दो दिन पूर्व हाे चुकी थी। इसकी वजह यह है कि शव में सड़न लग चुकी थी। तेंदुए की उम्र ढाई से तीन वर्ष आंकी गई है। पोस्टमार्टम के दौरान तेंदुए का पेट पूरी तरह खाली पाया गया।
उन्होंने बताया कि शरीर के अंदरुनी अंग जैसे लीवर और हार्ट सामान्य स्थिति में मिले, लेकिन लंबे समय से भोजन न मिलने के कारण शरीर काफी कमजोर हो चुका था। कहीं भी चोट, करंट लगने या शिकार के स्पष्ट निशान नहीं पाए गए। नाखून, त्वचा और अन्य अंग सामान्य मिले हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण स्टार्वेशन यानी भूखमरी माना जा रहा है।
स्पष्ट और विस्तृत रिपोर्ट के लिए विसरा सुरक्षित कर वन विभाग को सौंप दिया गया है, जिसे आगे जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि किसी विषाक्त पदार्थ या अन्य कारणों की भी पुष्टि हो सके।
डिप्टी रेंजर राजेश यादव का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा। रविवार दोपहर को पोस्टमॉर्टम के बाद तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
तेंदुए की मौत की खबर के बाद आसपास के गांवों में चिंता का माहौल है। इसकी वजह यह है कि जंगली क्षेत्र होने से कई तेंदुए यहां विचरण करते हैं। सरपंच अर्जुन चौहान ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और वन्यजीवों के लिए भोजन व पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल वन विभाग मामले की जांच में जुटा है। इसके लिए डाग स्क्वाड की टीम इंदौर से आई।
घटनास्थल पर वन विभाग के एसडीओ सुनील सोलिया, रेंजर होशियारसिंह कन्नोजे, डिप्टी रेंजर राजेश यादव, मुकेश वाणी, देवीसिंह चौंगड़, सुनील बघेल सहित बाग और टांडा का वन विभाग अमला मौजूद था।