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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bhojshala ASI Survey: एएसआई सर्वे के दौरान भोजशाला की हर एंगिल से हो रही है फोटोग्राफी

Bhojshala ASI Survey: फोटोग्राफी को लेकर विशेष रूप से फोकस किया जा रहा है ताकि बाद में इस दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत भी किया जा सकता है।

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 25 Mar 2024 05:42:49 PM (IST)Updated Date: Mon, 25 Mar 2024 05:51:03 PM (IST)
Bhojshala ASI Survey: एएसआई सर्वे के दौरान भोजशाला की हर एंगिल से हो रही है फोटोग्राफी

HighLights

  1. सर्वे में मशीनों के उपयोग से नई जानकारी भी सामने आ सकती है
  2. आगे आने वाले कई दिनों तक यह कार्य जारी रहेगा।
  3. भोजशाला की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी रखी जा रही है।

Bhojshala ASI Survey: नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर सर्वे जारी है। सर्वे के तीन दिन पूरे हो चुके हैं। सबसे अहम बात यह है कि भीषण गर्मी में भी यह सर्वे लगातार किया जा रहा है। केवल भोजन अवकाश रखा जा रहा है। जबकि टीम बराबर काम कर रही है। इसके लिए तीन टीमें बनाई गई है। तीनों ही टीम वैज्ञानिक प्रणाली से काम करने वाली टीम है।

वहीं खोदाई संबंधी कार्य करने के लिए एक अलग से टीम है जो की लगातार बहुत ही सूक्ष्म स्तर से इसकी खोदाई कर रही है। वहीं इन सब की फोटोग्राफी को लेकर विशेष रूप से फोकस किया जा रहा है ताकि बाद में इस दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत भी किया जा सकता है। इसके लिए हर एंगिल से कार्य किया जा रहा है।


उल्लेखनीय है कि भोजशाला को लेकर जो सर्वे कार्य किया जा रहा है। यह लगातार आगामी कुछ दिनों तक जारी रहेगा। जिस तरह से यह कार्य किया जा रहा है उससे यह अनुमान है कि आगे आने वाले कई दिनों तक यह कार्य जारी रहेगा। संभवत इसमें लंबा समय भी लग सकता है। जिस तरह से ज्ञानवापी में सर्वे में समय लगा था। यहां पर कई तरह की बातों का विशेष रूप से ध्यान रखा जा रहा है। इसमें फोटोग्राफी में हर एंगिल से कार्य किया जा रहा है।

जिससे की भोजशाला के हर फोटो को बहुत ही सूक्ष्मता के साथ में देखा जा सके। इसकी बारीकियां को पकड़ा जा रहा है। इसलिए फोटोग्राफी की भी एक विशेषज्ञ टीम है। जो की बहुत उच्च तकनीकी के कैमरे के माध्यम से इसकी फोटोग्राफी कर रही है।

वहीं वीडियोग्राफी को लेकर भी इसी तरह की स्थिति है। इसके लिए एक वैज्ञानिक प्रणाली के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण रूप से क्रमिक प्रणाली भी अपनाई गई है। इसमें हर चीज को क्रमवार जोड़ा गया है। इस तरह से इस सर्वे में एक बहुत ही बारीकी का ध्यान रखा जा रहा है।

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गोपनीयता पर ज्यादा ध्यान

इधर एक और महत्वपूर्ण बात यह भी सामने है की भोजशाला की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी रखी जा रही है। अब भोजशाला के आसपास के परिसर को और भी ऊंची जालियों से ढक दिया गया है। जिससे कि सर्वे की फोटोग्राफी या सर्वे की कार्रवाई को कोई भी व्यक्ति देखा नहीं सके। इस तरह से बहुत ही गोपनीयता के साथ काम किया जा रहा है।

इससे बाहरी लोगों को इस पर कोई भी निगाह रखने की स्थिति नहीं बने। क्योंकि यह कोर्ट का मामला है। वहीं पुलिस ने इस मामले में अपनी अपील भी जारी की है। इसमें कहा गया की सर्वे की फोटोग्राफी यह वीडियोग्राफी करना मना है। ऐसा करने पर संबंधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस तरह से विभाग ने अपनी तरफ से पुलिस को जो जानकारी दी थी, उसके आधार पर यह कदम भी पुलिस ने उठाया है।

इधर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह रविवार को भोजशाला परिसर पहुंचे। उन्होंने यहां की बाहरी सुरक्षा व्यवस्था को देखा। किस तरह से बाहरी परिसर और भीतरी परिसर में व्यवस्था की गई है। उन्होंने अपने टीम को कहा है कि किसी भी तरह से बाहरी व्यक्ति का प्रवेश निषेध रहे। केवल भारतीय पुरातत्व विभाग के अधिकारियों और संबंधितों को ही प्रवेश दिया जाए।

उन्होंने कहा कि जिस तरह के आदेश की व्यवस्था की गई है, उसका पालन किया जाए। इधर उल्लेखनीय की आज मजदूर को भी बहुत ही परीक्षण करने के बाद अंदर भेजा गया है। अब इस पूरे सर्वे में गोपनीयता पर फोकस किया जा रहा है। जिससे कि कोर्ट के आदेश के परिपालन में किसी तरह की भी परेशानी नहीं हो।