
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। देश की प्रतिष्ठित बैंक भर्ती प्रक्रिया आइबीपीएस क्लर्क परीक्षा में बड़े स्तर पर धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वर्षों तक योजनाबद्ध तरीके से दूसरे व्यक्ति को परीक्षा में बैठाकर बैंक की नौकरी हासिल करने का खेल खेला जा रहा था। इसका खुलासा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के दौरान धार में मंगलवार को हुआ। इस मामले में एक बैंक अधिकारी समेत एक क्लर्क को गिरफ्तार कर लिया गया है।
थाना नौगांव पर 6 जनवरी को फरियादी अरुण कुमार जैन, उप आंचलिक प्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया धार ने स्टाफ के साथ उपस्थित होकर लिखित सूचना दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 एवं 2024 में आइबीपीएस क्लर्क भर्ती परीक्षा के माध्यम से पंकज पुत्र मदन मोहन मीणा निवासी कुंजागांव जिला करौली (राजस्थान) तथा राकेश पुत्र चिरंजीलाल मीणा, निवासी गोठेरा थाना सपोटरा जिला करौली (राजस्थान) की क्लर्क पद पर नियुक्ति हुई थी। दोनों वर्तमान में क्रमशः बैंक ऑफ इंडिया शाखा अंजड़ जिला बड़वानी एवं बैंक ऑफ इंडिया शाखा बांगड़दा जिला खरगोन में पदस्थ थे। 6 जनवरी को दोनों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन आंचलिक कार्यालय धार में बुलाया गया था।
इस दौरान आवेदक पंकज मीणा को उपस्थित होना था, लेकिन उसके स्थान पर मिलते-जुलते हुलिये का एक अन्य व्यक्ति उपस्थित हुआ, जिसका फोटो रिकॉर्ड से मैच नहीं हो रहा था। संदेह होने पर पूछताछ की गई तो उसने पहले अपना नाम पंकज मीणा बताया, लेकिन पुनः पूछताछ के दौरान बैंक कार्यालय से बाहर भागने का प्रयास किया। पकड़कर पूछताछ करने पर उसने अपना नाम शुभम पुत्र राकेश कुमार गुप्ता, निवासी 86 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सिरसा जिला हिसार (हरियाणा) बताया। उसने स्वीकार किया कि उसने पंकज मीणा एवं राकेश मीणा के नाम से आवेदन पत्रों में फोटो एडिटिंग कर स्वयं परीक्षा दी थी।
इस तरह आरोपित शुभम और राकेश मीणा द्वारा दूसरे व्यक्ति के नाम पर परीक्षा दिलवाकर क्लर्क की नौकरी जॉइन की गई थी, जो बायोमेट्रिक परीक्षण के दौरान पकड़ में आया। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक धार मयंक अवस्थी ने आरोपितों की गिरफ्तारी, पूरे गिरोह को पकड़ने और बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए। थाना नौगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित शुभम गुप्ता एवं राकेश मीणा को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे अपने अन्य साथी रूकाम मीणा निवासी करौली (राजस्थान) के साथ मिलकर वर्ष 2021-22 से लगातार दूसरे अभ्यर्थियों के नाम पर आवेदन करते थे।
ये लोग फोटो एडिटिंग कर अन्य व्यक्ति से परीक्षा दिलवाते थे और चयन होने पर 6 से 8 लाख रु का लेन-देन करते थे। वर्तमान में इस गिरोह से जुड़े लोग बैंक में सहायक प्रबंधक और क्लर्क के पदों पर पदस्थ हैं। दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल और दस्तावेज जब्त किए गए हैं। आरोपितों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लिया गया है। फरार एक आरोपित की तलाश जारी है।
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