
नईदुनिया न्यूज, राजगढ़। ग्राम अंबेडी में मतांतरण के प्रयास का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने दो आरोपितों के खिलाफ मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के तहत कार्रवाई की है। आरोप है कि गांव में आयोजित एक प्रार्थना सभा के माध्यम से लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए दुष्प्रेरित किया जा रहा था। इस दौरान बीमारी ठीक करने और महंगे मोबाइल देने जैसे प्रलोभन भी दिए गए।
पुलिस के अनुसार यह मामला 15 जनवरी का है। राजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अंबेडी में हरसिंह मेड़ा के घर दोपहर के समय प्रार्थना सभा चल रही थी। इसी दौरान झाबुआ जिले के मोवड़ी निवासी मनुसिंह मोवड़ी वहां मौजूद था। आरोपित एक नाबालिग को प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए घर के अंदर ले गया, जहां ईसाई धर्म से संबंधित पोस्टर और किताबें रखी हुई थी तथा कुछ लोग पहले से प्रार्थना कर रहे थे।
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कुछ समय बाद नाबलिग का दोस्त उसे तलाशते हुए वहां पहुंचा। इसके बाद दोनों ने गांव के सरपंच सहित अन्य ग्रामीणों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। दोनों किशोरों का आरोप है कि प्रार्थना सभा समाप्त होने के बाद मनुसिंह ने उनसे हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने को कहा।
इसके बदले हाथ-पैर के दर्द जैसी बीमारियों को ठीक करने तथा महंगा मोबाइल देने का लालच दिया गया। मामले की जानकारी मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में रात के समय थाने पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए आवेदन सौंपा। सूचना पर पुलिस टीम गांव पहुंची और ग्रामीणों से पूछताछ की, जिसमें कई लोगों ने आरोपों की पुष्टि की।
पुलिस ने झाबुआ जिले के मनुसिंह मोवड़ी और ग्राम अंबेडी निवासी हरसिंह पुत्र सकरु मेड़ा के खिलाफ मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
दोनों आरोपितों को देर रात गिरफ्तार किया गया। थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना जारी है और शुक्रवार को आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से जेल भेजा गया।