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डिंडौरी में जल जीवन मिशन में लापरवाही का मामला पहुंचा लोक अदालत, पीएचई विभाग के इंजीनियर को नोटिस

Jal Jeevan Mission Dindori: पाइपलाइन बिछाने, टंकी निर्माण और कनेक्शन के कार्य अधूरे पड़े हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को भीषण पेयजल संकट का सामना करना पड...और पढ़ें

By Ashish ShuklaEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 02:19:44 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 02:33:11 PM (IST)
डिंडौरी में जल जीवन मिशन में लापरवाही का मामला पहुंचा लोक अदालत, पीएचई विभाग के इंजीनियर को नोटिस
पीएचई विभाग द्वारा लोक अदालत में अब तक कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, जिस पर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया। - फाइल फोटो

HighLights

  1. ग्राम पंचायत देवरा में 2020 से अधूरी नल-जल योजना
  2. ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा
  3. 24 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश

नईदुनिया प्रतिनिधि, डिंडौरी। जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत नल जल प्रदाय योजनाओं के अधूरे एवं दोषपूर्ण क्रियान्वयन का मामला अब लोक उपयोगी लोक अदालत तक पहुंच गया है। इस संबंध में प्रथम जिला न्यायाधीश डी.एस. मंडलोई ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

न्यायालय द्वारा जारी सूचना पत्र के अनुसार आवेदकगण द्वारा ग्राम पंचायत देवरा के साकेत नगर एवं हंस नगर में वर्ष 2020 में स्वीकृत नल जल प्रदाय योजना के अपूर्ण एवं दोषपूर्ण क्रियान्वयन, गंभीर पेयजल संकट तथा ठेकेदार सुरेन्द्र ओझा की जिम्मेदारी निर्धारण एवं जांच के संबंध में लोक उपयोगी लोक अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया गया है।


ग्रामीणों को करना पड़ रहा पेयजल संकट का सामना

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 2020 में स्वीकृत होने के बावजूद आज तक योजना का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। पाइपलाइन बिछाने, टंकी निर्माण और कनेक्शन के कार्य अधूरे पड़े हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को भीषण पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। योजना के क्रियान्वयन में भारी अनियमितता बरती गई है और ठेकेदार द्वारा कार्य में लापरवाही की गई है।

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इस मामले में पीएचई विभाग द्वारा लोक अदालत में अब तक कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, जिस पर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग डिंडौरी 24 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से लोक अदालत में उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करें। निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होने पर एकपक्षीय कार्यवाही कर आवेदन का गुण-दोष के आधार पर निराकरण कर दिया जाएगा।

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