मध्य प्रदेश में 'आयुष्मान' के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, 4 दलाल पकड़े; 6 कर्मचारियों के खिलाफ FIR
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया का कहना है कि ये गंभीर मामला है और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Publish Date: Sat, 31 Oct 2026 07:49:03 PM (IST)Updated Date: Sat, 31 Oct 2026 07:52:00 PM (IST)
फोटो-एआई जनरेटेडHighLights
- डिंडौरी में आयुष्मान के नाम पर फर्जीवाड़ा
- शहपुरा एसडीएम ने की बड़ी कार्रवाई
- सुखसागर हॉस्पिटल का खेल उजागर
नईदुनिया प्रतिनिधि, डिंडौरी/शहपुरा। जिले में आयुष्मान भारत योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देश पर शहपुरा एसडीएम फरहान जामदार ने शनिवार की सुबह ग्रामीणों से भरी एक बस पकड़ी।
यह बस ग्राम पिपरिया माल और कौआझिर से 14 ग्रामीणों को लेकर सुखसागर हॉस्पिटल जबलपुर जा रही थी। बीएमओ से कराई गई जांच में बस में सवार कोई भी व्यक्ति बीमार नहीं मिला, जिससे फर्जी इलाज के नाम पर आयुष्मान कार्ड से राशि निकालने के खेल का पर्दाफाश हुआ है।
6 के खिलाफ मामला दर्ज
तहसीलदार रामप्रसाद मार्को की शिकायत पर शहपुरा पुलिस ने सुखसागर अस्पताल से जुड़े छह कर्मचारियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार कलेक्टर को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि जबलपुर और शहडोल में संचालित निजी अस्पतालों के दलाल सक्रिय हैं, जो आदिवासियों को बहलाकर शहर ले जाते हैं और उनका फर्जी इलाज दिखाकर आयुष्मान योजना से मोटी रकम निकाल लेते हैं।
ग्रामीणों को कुछ पैसे देने का लालच भी दिया जाता है। बस में सवार लोगों के पास आयुष्मान कार्ड थे, लेकिन पूछताछ में सामने आया कि उन्हें कोई विशेष बीमारी ही नहीं है। एसडीएम फरहान जामदार ने बताया कि यह स्पष्ट रूप से फर्जीवाड़े का मामला है।
एक हजार लोगों के साथ फर्जीवाड़ा
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया का कहना है कि ये गंभीर मामला है और सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुखसागर हॉस्पिटल के जिम्मेदारों को भी तलब किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को संदिग्ध अस्पतालों के क्लेम की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने ग्रामीणों के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें यह निकलकर आया है कि अब तक एक हजार लोगों के साथ फर्जीवाड़ा हुआ है।
आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज पुलिस ने डिंडौरी के शहपुरा निवासी विमल राय, जबलपुर जिले के बरगी नगर निवासी उमेश कुमार मिश्रा व अवधेश दुबे, ग्राम ठोठा बरगी निवासी संतोष पटेल, कालादेही बरगी निवासी संजय दुबे और रसुईया पाटन निवासी राजा खरे के विरुद्ध आपराधिक साजिश, फर्जी दस्तावेज बनाकर ग्रामीणों को धोखा देते हुए शासकीय राशि निकालने सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। बस व कार को जब्त कर शहपुरा थाने में खड़ा कराया है।