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नईदुनिया प्रतिनिधि, डिंडौरी। किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रेवा प्रसाद झारिया का एक आपत्तिजनक ऑडियो इंटरनेट मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो की पुष्टि स्वयं किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने ही नईदुनिया से चर्चा के दौरान करते हुए गलती से यह पोस्ट ग्रुप में डलने की बात कहकर पल्ला झाड़ने का प्रयास तो किया, लेकिन ऑडियो में आपत्तिजनक बातों को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। ऑडियो में कांग्रेस के संबंधित नेता अपने ही पार्टी के कार्यकर्ताओं को मरे मराए बता रहे हैं। वे इतने पर भी नहीं रुके, उनके द्वारा एक जाति विशेष सहित अपनी ही पार्टी को गाली-गलौज भी दिया गया। नेताजी बहुजन समाज पार्टी का गमछा पहनने की इच्छा भी जताते नजर आए।
लगभग चार मिनट के इस ऑडियो में घमासान मचा हुआ है। ऑडियो में कांग्रेसी नेता नवनियुक्त बसपा जिलाध्यक्ष को लंबा-चौड़ा ज्ञान दे रहे हैं। वे किस तरह बहुजन समाज पार्टी को स्टैंड करना है, इससे संबंधित बातें भी कह रहे हैं। ऑडियो में शहपुरा के पूर्व विधायक भूपेंद्र मरावी के साथ भाजपा नेता और शहपुरा के वर्तमान विधायक ओमप्रकाश धुर्वे का भी जिक्र करते हुए कह रहे हैं कि इनमें कितनी ताकत है; आदमी ही नहीं चाहेंगे तो वे क्या कर सकते हैं। कांग्रेसी नेता ने यह भी कहा कि एससी समाज तो असली बहुजन समाज पार्टी का ही वोटर है। इतना भ्रष्टाचार हो रहा है, कांग्रेस के मरे मराए कार्यकर्ता कुछ नहीं कर रहे। इस मामले में वे एक जाति विशेष को विदेशी बताते हुए गंदी-गंदी गालियां देते भी सुनाई दे रहे हैं। यह ऑडियो शहपुरा जनपद के पास का बताया जा रहा है।
नईदुनिया से चर्चा के दौरान बहुजन समाज पार्टी के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष प्रताप आर्मो ने कहा कि सामान्य चर्चा हो रही थी, उन्हें इस ऑडियो के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। वहीं, शहपुरा कांग्रेस के पूर्व विधायक भूपेंद्र मरावी ने सख्त रुख अपनाते हुए इस ऑडियो को घोर आपत्तिजनक बताया है। उन्होंने ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष से कहा है कि वे इस तरह की गंदी भाषा का प्रयोग करने वाले के विरुद्ध नोटिस जारी कर पार्टी से हटाने की कार्यवाही करें। कांग्रेस जिलाध्यक्ष और विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने भी कहा कि किसी को भी इस तरह की आपत्तिजनक अभद्र टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है और वे लौटकर इस पूरे मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्यवाही करेंगे।
इस मामले में स्वयं रेवा झारिया, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष डिंडौरी ने सफाई देते हुए कहा कि वे और बसपा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष जनपद के पास बैठे हुए थे और हंसी-मजाक में बात चल रही थी। उन्होंने दावा किया कि कौन सी बटन दबने से सभी बात रिकॉर्ड हो गई उन्हें मालूम नहीं पड़ा और वह रिकॉर्डिंग उनके मोबाइल से ही कांग्रेस के ग्रुप में चली गई। उन्होंने कहा कि यह गलती से हुआ है और उनका उद्देश्य यह बिल्कुल नहीं था; वे तो बस बसपा अध्यक्ष को समझा रहे थे। हालांकि, पार्टी के भीतर और बाहर इस ऑडियो को लेकर आक्रोश कम नहीं हो रहा है।
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