
ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सोमवार को गुर्जर महापंचायत के बाद हुए उपद्रव के मामले में उत्तर प्रदेश के बिजनौर से बसपा सांसद मलूक नागर और सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान के अलावा स्थानीय 35 लोगों पर भड़काऊ भाषण देने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
आरोप है कि महापंचायत के बहाने शहर में अलग अलग हिस्सों से आए गुर्जर समाज के नेताओं ने कलेक्ट्रेट के अंदर घुसकर तोड़फोड़ की, कलेक्टर और एसएसपी सहित करीब 20 पुलिस-प्रशासनिक अफसरों की गाड़ियों में तोड़फोड़ की, पुलिसकर्मियों से मारपीट की और राहगीरों पर पथराव किया। उपद्रव सुनियोजित था। महापंचायत में करीब 10 हजार लोग मौजूद थे, जो उनके भाषण के बाद भड़क उठे।
बता दें कि ग्वालियर में महिर भोज की प्रतिमा को लेकर विवाद सहित कई मांगों को लेकर फूलबाग मैदान में गुर्जर महापंचायत आयोजित की गई थी। इसमें ग्वालियर और चंबल अंचल के अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों से गुर्जर समाज के लोग इकट्ठा हुए थे। सभा के बाद प्रशासन को धोखे में रखकर बिना अनुमति पूरे शहर में रैली निकाली गई और बिना अनुमति व पूर्व सूचना के समाज के लोग कलेक्ट्रेट ज्ञापन देने पहुंच गए, जहां सुरक्षा को तैनात जवानों से वे भिड़ गए, मारपीट की और तोड़फोड़ मचाई।

एसएसपी राजेश सिंह चंदेल ने बताया कि बिजनौर से बसपा सांसद मलूक नागर, सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान के अलावा गुर्जर समाज के स्थानीय प्रतिनिधि रूपेश यादव, रामप्रीत गुर्जर, साहब सिंह गुर्जर सहित अन्य लोग जो मंच पर मौजूद थे, उन्होंने भड़काऊ भाषण दिए, इसके बाद ही उपद्रव हुआ। उपद्रव होने पर कई लोग भाग गए। इसी के चलते पड़ाव थाने में उप्र के सांसद, विधायक सहित अन्य लोगों पर भड़काऊ भाषण दिए जाने की धाराओं में एफआइआर दर्ज की है। 35 लोग नामजद हैं, जबकि अन्य लोग अज्ञात हैं।

पड़ाव थाने में ही पुलिस की गाड़ी की तोड़फोड़ की एफआइआर हुई है। यूनिवर्सिटी थाने में कलेक्ट्रेट के अंदर तोड़फोड़ करने पर बलवा, पथराव और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के मामले में हत्या के प्रयास की दो एफआइआर दर्ज हुई हैं। हाइवे पर चक्काजाम के मामले में बिलौआ थाने में एफआइआर हुई है।