
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकले चीतों और वन रक्षकों दोनों की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। राजस्थान में एक चीते द्वारा पाड़े का शिकार करने के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने कूनो की ट्रैकिंग टीम को बंधक बनाकर मारपीट की है।
वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने इस घटना का वीडियो और जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे केंद्रीय वन मंत्री के क्षेत्र में गुंडागर्दी बताया है और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। जानकारी के अनुसार कूनो से बाहर निकला चीता राजस्थान के बारां-करौली बेल्ट में पहुंच गया था, जहां उसने एक ग्रामीण के पाड़े का शिकार कर दिया।
शिकार की सूचना पर पहुंची कूनो ट्रैकिंग टीम जब चीते की लोकेशन ट्रैक कर रही थी, तभी ग्रामीणों ने टीम को घेर लिया। आरोप है कि भीड़ ने लाठी-डंडों से हमला किया और टीम को कुछ देर बंधक बनाए रखा। इससे पहले 2023 में शिवपुरी के बुराखेड़ा में भी चीता आशा को ट्रैक कर रही टीम को ग्रामीणों ने डकैत समझकर पीटा था और हवाई फायरिंग की थी।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब 10 दिन पहले ही 25 अक्टूबर को कूनो पार्क से सटे मुरैना टेरिटोरियल फॉरेस्ट में चीता शावक को गोली मार दी गई थी। शावक के शरीर से 5 छर्रे निकले थे और 27 अक्टूबर को जबलपुर वेटरनरी यूनिवर्सिटी में उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में 6 वनकर्मी सस्पेंड और 2 शिकारी गिरफ्तार हो चुके हैं।
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कूनो के चीते लगातार पार्क से बाहर निकलकर श्योपुर, शिवपुरी, मुरैना और राजस्थान के बारां, धौलपुर तक पहुंच रहे हैं। बाहर निकलने पर वे बकरी-पाड़ा का शिकार कर लेते हैं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। वन विभाग और पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।
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